Ranchi: तुलसियान बंधुओं ने अवैध खनन से निकाले गये पत्थरों की ढुलाई पर पर्दा डालने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किया. इस क्रम में ट्रकों का नंबर नौ-नौ अंकों का लिख दिया. साथ ही स्टैंडर्ड रैक में क्षमता से अधिक खनिजों की ढुलाई का आंकड़ा भर दिया. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच में पाया कि तुलसियान बंधुओं ने जिसे ट्रक नंबर बताया था, वह रेलवे का रिसिट(RR) नंबर था.
तुलसियान बंधुओं की सीटीएस इंडस्ट्रीज सहित अन्य कंपनियों की जांच के दौरान पिरपैंती से रेल रैक के सहारे अवैध खनिजों की ढुलाई का मामला प्रकाश में आया था. अवैध खनिजों की ढुलाई के मामले में जांच के दौरान ईडी ने तुलसियान बंधुओं को अपना पक्ष पेश करने का निर्देश दिया था. इसके आलोक में तुलसियान बंधुओं द्वारा रेल रैक के सहारे खनिजों(स्टोन, स्टोन चिप्स) की ढुलाई को वैध साबित करने के लिए कई दस्तावेज पेश किया गया. इसमें माइनिंग चालान के नाम पर ऐसे दस्तावेज दिये गये, जो खनिजों की ढुलाई के लिए वैध नहीं थी.
ईडी ने जांच में पाया कि तुलसियान बंधुओं द्वारा एक ही खनिजों की दोबारा ढुलाई दिखायी गयी थी. इसके लिए एक बार बिहार सरकार और दूसरी बार झारखंड सरकार के कागजात का इस्तेमाल दिखाया. पिरपैंती से रेल रैक के सहारे खनिजों की ढुलाई के लिए ट्रक नंबर मनमाने तरीके से लिखे गये थे. ट्रकों के नंबर में चार ही अंक होते हैं. लेकिन तुलसियान बंधुओं के दस्तावेज में मनमाने तरीके से लिखे गये ट्रकों में नौ-नौ अंक थे.
तुलसियान बंधुओं द्वारा ईडी को सौंपे गये दस्तावेज में ट्रकों के नंबर के बदले जगह NA, NA1, NA2, NA3 आदि लिखा हुआ था. ईडी ने जांच के दौरान इससे बिहार सरकार के खान पोर्टल पर इसकी जांच की. इसमें यह पाया गया कि इस सांकेतिक नंबरों की जगह पोर्टल के दस्तावेज में ट्रकों के चार अंकों के नंबर की जगह नौ-नौ अंक लिखे हुए हैं. ईडी ने नौ नंबर वाले ट्रकों के ब्योरे से जुड़े दस्तावेज रेलवे से मंगवाये. इसके बाद इस बात की पुष्टि हुई कि तुलसियान बंधुओं ने जिसे ट्रक नंबर बताया था, वह रेलवे रिसिट (RR) का नंबर था. रेलवे द्वारा ढुलाई से जुड़ी सामग्री प्राप्त होने के लिए यह जारी किया जाता है.
रेलवे से मंगाये गये दस्तावेज और तुलसियान बंधुओं द्वारा फर्जी तरीके से तैयार कर ईडी को दिये गये दस्तावेज में खनिजों की ढुलाई की मात्रा में भी भारी अंतर पाया गया. तुलसियान बंधुओं द्वारा बताये गये माइनिंग चालान की जांच बिहार सरकार के खान पोर्टल पर दर्ज ब्योरे से की गयी. इसमें संबंधित चालानों के खनिजों की ढुलाई के लिए वैध नहीं था. गड़बड़ी पर पर्दा डालने के लिए तुलसियान बंधुओं ने स्टैंडर्ड रैक में निर्धारित मात्रा से अधिक खनिजों की ढुलाई दिखायी थी. जांच में मामले के पकड़ में आने के बाद इसे क्लरिकल मिस्टेक बताया.
नौ अंकों वाले ट्रकों से खनिजों की ढुलाई (वजन एमटी में)
| ट्रकों के नंबर | मनमाना वजन | वास्तविक वजन |
| 28000004 | 2538.00 | 2668.40 |
| 282000005 | 2398.00 | 2374.80 |
| 282000006 | 2356.00 | 2580.00 |
| 282000007 | 2232.00 | 2509.00 |
| 282000008 | 2432.00 | 2661.00 |
| 282000009 | 2420.00 | 2649.00 |
| 282000011 | 2464.00 | 2664.00 |
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