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नक्सली असीम मंडल के दस्ते के दो सदस्य गिरफ्तार

Ghatsila (Jamshedpur) : पूर्वी सिंहभूम में नक्सली गतिविधियों से जुड़ी बड़ी सूचना सामने आ रही है. शनिवार शाम मिली जानकारी के अनुसार, शीर्ष नक्सली असीम मंडल के दस्ते से जुड़े दो अन्य सदस्यों को पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की चर्चा है.
 
LAGATAR NEWS

Ghatsila  (Jamshedpur) : पूर्वी सिंहभूम में नक्सली गतिविधियों से जुड़ी बड़ी सूचना सामने रही है. शनिवार शाम मिली जानकारी के अनुसार, शीर्ष नक्सली असीम मंडल के दस्ते से जुड़ेदो अन्य सदस्यों को पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की चर्चा है. इनमें 5 लाखरुपये का इनामी समीर महतो और उसकी पत्नी 2 लाख रुपये की इनामी मालती मुर्मू शामिल हैं. हालांकि, दोनों की गिरफ्तारी को लेकर अब तक पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं कीगयी है.

सूत्रों के मुताबिक, असीम मंडल के साथ समीर महतो और मालती मुर्मू भी जंगल से निकलने केबाद पश्चिम बंगाल के किसी गुप्त ठिकाने पर रह रहे थे. इसी दौरान बंगाल पुलिस ने दोनों कोवहां से गुप्त तरीके से हिरासत में लिया. फिलहाल दोनों से पूछताछ किये जाने की बात सामने रही है. समीर महतो पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के बेलपहाड़ी थाना क्षेत्र के बिदरी गांव कारहने वाला बताया जाता है. वहीं मालती मुर्मू झाड़ग्राम जिले के गोपीबल्लवपुर की निवासी है.

असीम मंडल की निशानदेही पर हथियारों की तलाश

इधर, 17 सितंबर को गिरफ्तार किये गये असीम मंडल के पास से अब तक कोई हथियार बरामदनहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि वह घाटशिला के जंगल क्षेत्र में हथियार छिपाने के बाद पश्चिमबंगाल चला गया था. ऐसे में बंगाल एसटीएफ अब गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ के आधार परजंगल में छिपाये गये हथियारों तक पहुंचने की तैयारी में है.

शनिवार को हथियारों की तलाश में बंगाल पुलिस की टीम घाटशिला क्षेत्र में नहीं पहुंची. माना जारहा है कि असीम मंडल को रिमांड पर लेकर पूछताछ के बाद पुलिस उसकी निशानदेही परइलाके में फिर से अभियान चला सकती है. असीम मंडल के पास एके-47 जैसी अत्याधुनिकराइफल होने की जानकारी पहले सामने आती रही है. ऐसे में उसकी गिरफ्तारी के बाद हथियारोंकी बरामदगी को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है.

असीम मंडल ने आत्मसमर्पण नहीं किया था, बल्कि उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इसलिएअब जांच एजेंसियों के लिए उसके नेटवर्क, हथियारों के ठिकाने और दस्ते के बचे सदस्यों से जुड़ीजानकारी हासिल करना अहम माना जा रहा है.

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