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हड़ताल व ग्रामीण भारत बंद को सीपीएम का समर्थन समेत हजारीबाग की दो खबरें

  • मजदूर व किसान विरोधी नीति बना रही केंद्र सरकार : सीटू
  • दिल्ली बार्डर पर किसानों के पर कार्रवाई की निंदा की
Hazaribagh : सीपीएम ने मजदूर किसान समन्वय समिति के आह्वान पर 16 फरवरी को देश में औद्योगिक हड़ताल और दिल्ली बॉर्डर पर किसानों पर बर्बर जुल्म के खिलाफ ग्रामीण भारत बंद का समर्थन किया है. सीपीएम नेता गणेश कुमार सीटू ने कहा कि उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक के बाद एक मजदूर और किसान विरोधी नीति बनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में खदान विकास संचालन (एमडीओ) नीति बना कर और कोल बैरिंग एक्ट में संशोधन किया गया. केंद्र सरकार ने ठीकेदारों द्वारा उत्पादन किए गए कोयला को ठीकेदारों को बेचने का पूर्ण अधिकार दे दिया है. इससे कोल इंडिया के अस्तित्व पर ही संकट आ गया है, जबकि कोल इंडिया लगातार मुनाफा कमा रही है. बीते वर्ष कोल इंडिया ने 893.08 मिलियन टन कोयला लक्ष्य से अधिक उत्पादन किया है. दूसरी तरफ किसानों को एमएसपी की गारंटी का भरोसा देकर केंद्र सरकार पीछे हट गई. इसे लेकर किसानों ने दिल्ली मार्च का फैसला लिया था. किसान दिल्ली नहीं पहुंच सकें, इसके लिए सरकार ने बहुत ही बर्बर तरीके से किसानों पर अत्याचार किया है. सरकार की इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की निंदा सीपीएम करती है.

सिरकाेल नदी से अज्ञात का शव बरामद

चरही : थाना क्षेत्र के बरहद पिछरवा गांव के सरबहा टोला में सिरकोल के समीप गुरुवार को नदी में झाड़ी में फंसे एक पुरुष का लावारिश लाश देखा गया. ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना चरही पुलिस को दी. पुलिस ने मुर्दा कल्याण केंद्र हजारीबाग भेज दिया गया है. समाचार लिखे जाने तक शव की पहचान नहीं हो पाई थी. पुलिस थाना क्षेत्र के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लाश की शिनाख्त करने में जुटी हुई है. अनुमान लगाया जा रहा है कि बीते बुधवार को हुई बारीश में यह लाश कहीं से बहकर के आई होगी. फिलहाल पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है. इसे भी पढ़ें : Breaking">https://lagatar.in/big-decision-of-supreme-court-declared-electoral-bond-scheme-unconstitutional/">Breaking

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