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शिक्षकों को गणित और विज्ञान लैब का दिया गया प्रशिक्षण समेत लातेहार की दो खबरें

Latehar : जिले के चिन्हित 22 विद्यालयों के दो-दो शिक्षकों को समेकित विज्ञान और गणित लैब का प्रशिक्षण दिया गया. झारखंड शिक्षा परियोजना तत्वावधान में यह प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण मीथ इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद, गुजरात के द्वारा दिया गया. बतौर मास्टर ट्रेनर मध्य विद्यालय रोल के सहायक शिक्षक अनिल कुमार काली चंदवा के सीआरपी विकास कुमार ने गणित व विज्ञान लैब की जानकारी दी. उन्होंने इसके उपयोग के तौर तरीकों से शिक्षकों को अवगत कराया. भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान के विभिन्न मॉडल और चार्ट के माध्यम से उन्हें जानकारी उपलब्ध कराई गई. गणित के सूत्रों और संक्रियाओं के प्रयोग को सरल तरीका से बताया गया. उन्होंने कहा कि सभी चार्ट मॉडल में क्यूआर कोड दिया गया है. इसे स्कैन कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है. मीथ एंटरप्राइजेज द्वारा सभी 22 विद्यालयों को 492 विभिन्न विज्ञान और गणित के प्रयोग से संबंधित वीडियो पेन ड्राइव और बुकलेट हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराया गया. शिक्षकों को प्रमाण पत्र भी दिया गया. मौके पर आशीष कुमार, विकास कुमार शर्मा, कन्हाई राम, गणेश पासवान, धर्मेंद्र सिंह, जयप्रकाश कुमार, सुनील कुमार पासवान, नीलम कुमारी, श्वेता कुमारी, अमृत प्रकाश, रिचा कुमारी, मंजू कुमारी, राकेश कुमार सहित जिले के 22 विद्यालयों के शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित थी.

सरकार की अनुकंपा नीति में कई विसंगतियां : अतुल

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alt="" width="600" height="400" /> सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के लातेहार जिला अध्यक्ष अतुल कुमार व महासचिव अनूप कुमार ने कहा कि सरकार के द्वारा सहायक अध्यापकों की असमय मृत्यु के उपरांत उनके आश्रितों के लिए बनाये गये अनुकंपा नीति में कई विसंगतियां है. इसे दूर करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि तकरीबन 20 वर्षों से सेवा देते आ रहे पारा शिक्षकों के कार्यों की सरकार की नजर में कोई महत्व नहीं है. सरकार के द्वारा सहायक अध्यापकों की योग्यता का जो पैमाना रखा गया है, उसका विरोध उक्त नियमावली के बनाते समय भी किया गया था. लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं हुआ. जब सरकार टेट की परीक्षा लेती ही नहीं है तो फिर अनुकंपा में टेट और प्रशिक्षण को रखना पारा शिक्षकों के आश्रितों के साथ धोखा है. हमलोग मांग करते आ रहे हैं कि मृत पारा शिक्षक के परिजन को उनकी योग्यता के अनुसार कोई नौकरी दी जाये, लेकिन बार-बार सरकार ऐसा जटिल प्रावधान लाती है कि आश्रितों को कुछ लाभ नहीं मिल पाता है. इस सरकार के आने के बाद लगभग एक दर्जन तथा पूरे राज्य में लगभग दो सौ पारा शिक्षक असमय दिवगंत हो गये हैं. राज्य सरकार की तरफ से उनके आश्रितों को एक रुपये का भी सहयोग नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार के इस अनुकंपा नीति से सहायक अध्यापकों में खासा आक्रोश है. इसे भी पढ़ें : हजारीबाग">https://lagatar.in/explosion-in-aluminum-smelting-factory-in-hazaribagh-two-workers-killed/">हजारीबाग

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