Ranchi: राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अफसरों पर गाज गिर गई है. जामताड़ा के एलआरडीसी पद पर नियुक्त प्रभात कुमार को दिए गए दंड को बरकरार रखा गया है, जबकि हजारीबाग के तत्कालीन एसडीएम अशोक कुमार को पत्नी की हत्या के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें -जब">https://lagatar.in/when-the-elephant-passes-through-the-market-barking-is-common-dr-irfan-ansari/">जब
हाथी बाजार से निकलता तो … का भौंकना आम है : डॉ इरफान अंसारी प्रभात कुमार पर निंदन की सजा बरकरार प्रभात कुमार को 2021 में जामताड़ा के एलआरडीसी पद पर पदस्थापित किया गया था. लेकिन उन्होंने अधिसूचित पद पर योगदान नहीं दिया. इस आरोप में उन्हें 14 जून 2024 को निलंबित कर दिया गया था. विभागीय कार्यवाही में पूछे गए स्पष्टीकरण का जवाब देते हुए प्रभात कुमार ने कई परेशानियों का जिक्र किया, लेकिन कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया. इस आधार पर उन्हें निलंबन मुक्त तो कर दिया गया, लेकिन निंदन की सजा दी गई. द्वितीय स्पष्टीकरण में भी स्पष्ट प्रमाण संलग्न नहीं किए जाने के कारण उनको दी गई निंदन की सजा को बरकरार रखा गया है. अशोक कुमार को किया सस्पेंड हजारीबाग के तत्कालीन एसडीएम अशोक कुमार को पत्नी की हत्या के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. उन्हें 10 फरवरी 2025 को जेल भेजे जाने की तिथि से निलंबित किया गया है. उपायुक्त हजारीबाग द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने उन्हें निलंबित किया है. निलंबन संबंधी आदेश में कहा गया है कि कारा से बाहर आने के बाद वह कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग में योगदान देंगे. इसे भी पढ़ें -अफगानिस्तान">https://lagatar.in/earthquake-strikes-afghanistan-again-pakistan-and-jk-also-shaken/">अफगानिस्तान
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राज्य सेवा के दो अफसरों पर गिरी गाज, एक निलंबित, दूसरे को निंदन की सजा

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