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उदयनिधि स्टालिन बुरे फंसे, मद्रास हाईकोर्ट ने कहा, सनातन धर्म पर दिया गया बयान हेट स्पीच

मद्रास हाईकोर्ट ने पिछले 100 साल से जारी द्रविड कषगम और फिर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की पॉलिटिक्स को लेकर कहा कि इसमें हिंदू धर्म के खिलाफ बयानबाजी देखने को मिलती रही है. उदयनिधि स्टालिन उसी आइडियोलॉजी से जुड़े हुए हैं. बैंच का कहना था कि अक्सर हेट स्पीच देने वाले कानूनी कार्रवाई से बच जाते हैं.
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 Chennai :  सनातन धर्म की तुलना डेंगू और कोरोना से किये जाने के मामले में तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन बुरे फंस गये हैं. मद्रास हाईकोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन द्वारा 2023 में की गयी टिप्पणी को हेट स्पीच माना है.


हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने उदयनिधि के बयान को पॉलिटिकल कॉमेंट नहीं मान कर हिंदू धर्म पर सीधा हमला करार दिया. बेंच के अनुसार यह केस केवल किसी के बयान तक सीमित नहीं है. यह एक पुरानी आइडियोलॉजी से जुड़ा हुआ है. और ऐसे बयानों से समाज में तनाव पैदा होता है.


मद्रास हाईकोर्ट ने पिछले 100 साल से जारी द्रविड कषगम और फिर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की पॉलिटिक्स को लेकर कहा कि इसमें हिंदू धर्म के खिलाफ बयानबाजी देखने को मिलती रही है. उदयनिधि स्टालिन उसी आइडियोलॉजी से जुड़े हुए हैं. बैंच का कहना था कि अक्सर हेट स्पीच देने वाले कानूनी कार्रवाई से बच जाते हैं.  
 

हाईकोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि तमिलनाडु में अब तक उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं हुआ, जबकि दूसरे राज्यों में उनके बयान को लेकर केस दर्ज हुए हैं. हाईकोर्ट के अनुसार यह स्थिति खतरनाक है.


यह संदेश देती है कि प्रभावशाली लोग हेट स्पीच देकर भी बच सकते हैं.कानून की नजर में हेट स्पीच देने वाला और उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले, दोनों को समान कसौटी पर परखा जाना चाहिए.

 
मामला यह है कि माह सितंबर 2023 में आयोजित एक रैली में उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से की थी. उन्होंने कहा था कि इसे खत्म किया जाना चाहिए.


हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर किसी समूह का अस्तित्व खत्म करने की बात कही जाती है, तो वह जेनोसाइड के बराबर है. कोर्ट के अनुसार तमिल शब्द सनातन ओजिप्पु  का मतलब सांस्कृतिक जेनोसाइड होता है.

 
हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों से हलचल मच गयी है. राज्य में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने की संभावना हैं.


अहम बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट जनवरी 2025 में इस मामले में आपराधिक कार्रवाई की मांग वाली याचिकाएं सुनने से मना कर चुका है. लेकिन अब  हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी DMK और उदयनिधि स्टालिन की परेशानी बढ़ सकती हैं.  

 

 

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