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UN के मानवाधिकार आयुक्त ने ट्वीट किया, राणा अय्यूब का न्यायिक उत्पीड़न बंद करे भारत, भारतीय प्रतिनिधि ने आरोप खारिज किये

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NewDelhi : संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त ने भारत सरकार पर पत्रकार राणा अय्यूब का न्यायिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है. आयुक्त ने ट्वीट कर यूएन की संस्था ने अय्यूब की सुरक्षा की अपील की है. खबरों के अनुसार संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था यूएनएचआर ने भारतीय पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ दर्ज मुकदमों को प्रताड़ना करार देते हुए भारत से आग्रह किया है कि उन पर सोशल मीडिया पर हो रहे हमलों के खिलाफ कार्रवाई की जाये. हालांकि यूएन के ट्वीट का जवाब भारतीय अधिकारियों ने दिया है. एक ट्वीट कर सरकार पर लगाये गये आरोपों को खारिज किया गया है. इसे भी पढ़ें : बजरंग">https://lagatar.in/bajrang-dal-worker-harsh-was-murdered-with-planning-12-arrested-nadeem-habitual-criminal-curfew-in-shivamoga-till-6-pm-on-wednesday/">बजरंग

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राणा अय्यूब दक्षिणपंथी हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों की धमकियों का शिकार बन रही हैं

सोमवार को जारी एक बयान में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयुक्त ने कहा  कि राणा अय्यूब के खिलाफ न्यायिक उत्पीड़न को फौरन रोका जाना चाहिए.विशेषज्ञों का कहना है कि स्वतंत्र खोजी पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता राणा अय्यूब दक्षिणपंथी हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों द्वारा लगातार तेज होते ऑनलाइन हमलों और धमकियों का शिकार बन रही हैं उन्होंने कहा, ये हमले उनके देश के मुस्लिम अल्पसंख्यकों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाने, सरकार द्वारा महामारी को ठीक ढंग से न संभाल पाने के कारण आलोचना करने और हाल ही में कर्नाटक के स्कूल और कॉलेजों में हिजाब बैन पर उनकी टिप्पणियों के कारण हो रहे हैं. अपने विशेषज्ञों के हवाले से आयोग ने कहा, अय्यूब की जनहित के मुद्दे उठाने और अपनी रिपोर्टिंग के जरिए ताकतवर लोगों से सवाल पूछने की कोशिशों के चलते संगठित ऑनलाइन समूहों ने उन्हें जान से मारने और हत्या तक की धमकियां दी हैं. इसे भी पढ़ें : मोदी">https://lagatar.in/modi-government-blocks-apps-and-websites-of-khalistani-organization-sikhs-for-justice/">मोदी

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भारत कर रहा है न्यायिक उत्पीड़न

यूएन संस्था ने राणा अय्यूब के खिलाफ हाल ही में की गई कानूनी कार्रवाई का भी जिक्र किया है. बयान में संस्था ने कहा, "विशेषज्ञों ने कहा कि अपनी बरसों की पत्रकारिता के कारण भारतीय अधिकारी अय्यूब को कानूनी जरियों से परेशान कर रहे हैं. छह महीनों में दूसरी बार, 11 फरवरी को उनके बैंक खाते और अन्य संपत्तियां सील कर दी गयी, जो फ्रॉड और मनी लाउंड्रिंग के निराधार आरोपों के नाम पर किया गया

राणा अय्यूब के बैंक खाते फ्रीज करने का आदेश दिया ईडी ने

बता दें कि इसी माह भारत के प्रवर्तन निदेशालय ने पत्रकार राणा अय्यूब के बैंक खाते फ्रीज करने का आदेश दिया था. उन पर राहत कार्यों के लिए जमा किये गये धन के दुरुपयोग का आरोप है. प्रवर्तन निदेशालय ने अय्यूब की 1.77 करोड़ रुपये की राशि जब्त की थी.  हालांकि अय्यूब ने मनी लाउंड्रिंग के इन आरोपों को बदनाम करने की साजिश के लिए चलाया जा रहा अभियान बताया था. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि भारत सरकार ना सिर्फ पत्रकार के तौर पर अय्यूब के अधिकारों की सुरक्षा करने में नाकाम रही है बल्कि अपनी जांच के जरिए उनकी पहले से खराब स्थिति को बदतर बनाने में भूमिका भी निभा रही है. संस्था ने कहा, "यह बेहद जरूरी है कि अधिकारी उनके खिलाफ जांच बंद करें और उन्हें लगातार मिल रही धमकियों और ऑनलाइन फैलाई जा रही नफरत से बचाने के लिए त्वरित कार्रवाई करें. इसे भी पढ़ें : उत्तराखंड:">https://lagatar.in/uttarakhand-road-accident-in-champawat-the-jeep-of-people-returning-from-marriage-fell-into-the-ditch-14-killed/">उत्तराखंड:

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भारत ने यूएन के आरोप खारिज किये

यूएन के ट्वीट के जवाब भारतीय अधिकारियों ने दिया है. एक ट्वीट करते हुए सरकार पर लगाये गये आरोपों को खारिज किया गया है.  एक ट्वीट में जेनेवा स्थित यूएन के भारतीय प्रतिनिधियों ने कहा, कथित न्यायिक उत्पीड़न के आरोप निराधार और गलत हैं. भारत कानून के राज का सम्मान करता है और इस बात का भी कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है [wpse_comments_template]  

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