Search

KVIC घोटालाः चाचा ने भतीजे के नाम पर फर्जी कंपनी बनायी, झूठ बोल कर विकास भारती में सप्लायर बनाया

LAGATAR EXPOSE

Ranchi : खादी विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन (KVIC) घोटाले में चाचा ने अपने भतीजे और भतीजी के नाम पर फर्जी कंपनी बनायी. इसके बाद झूठ बोल कर बिशुनपुर स्थित विकास भारती में Bee Coloney सप्लाई करने का काम दिलाया. घोटाले की रकम से सप्लायरों को भुगतान किया और विकास भारती से मिली रकम को जायज आमदनी के रूप में दिखाने की कोशिश की. मामले की जांच के दौरान ईडी ने विकास भारती से सचिव अशोक भगत को समन भेजा और उनका बयान दर्ज किया. 

 

ईडी ने जांच में पाया कि केवीआईसी (रांची) के तत्कालीन कार्यपालक सुनील कुमार ने खादी के विकास आदि के लिए मिली राशि को हड़पने के उद्देश्य से अपने भतीजा अमन और साहिल के नाम पर फर्जी कंपनी बनायी. इसके अलावा भतीजी प्रिया के नाम पर भी फर्जी कंपनी बनायी. इसके बाद केवीआईसी का 3.19 करोड़ रुपये अलग-अलग काम दिखा कर बिना काम किये ही ट्रांसफर कर दिया. इसके अलावा बंकू निशाद नामक व्यक्ति को रद्दी कोकून की आपूर्ति के बदले 61.47 लाख रुपये का भुगतान किया. इस तरह सुनील कुमार से केवीआईसी को कुल 3.81 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया. इसके बाद अपने भतीजा, भतीजा के नाम पर बनी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किये गये पैसों को अलग-अलग हथकंडा अपना कर जायज कमाई साबित करने की कोशिश की.

 

ईडी ने जांच में पाया कि सुनील कुमार ने अपने भतीजे साहिल के नाम पर M/S South Hope Analysis India Ltd नाम की एक फर्जी कंपनी बनायी. इस कंपनी का नाम कुछ इस तरह से रखा गया कि शॉर्ट में इसे भतीजे के नाम की तरह SHAHIL पढा जा सके. इस कंपनी का पता चेन्नई में बताया गया. कंपनी की पहचान के लिए इस्तेमाल फर्जी CIN का इस्तेमाल किया गया. SHAHIL के लिए जिस CIN का इस्तेमाल किया गया वह वास्तव में मेसर्स शुद्धि इंवायरमेंटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की पायी गयी.

 

सुनील कुमार ने अपने दूसरे भतीजे अमन के नाम पर भी मेसर्स अमन और भतीजी प्रिया के नाम पर भी कंपनी बनायी. इनके नाम पर बैंक खाता खुलवाया. जांच में सभी कंपनियां फर्जी पायी गयी. जांच के दौरान ईडी ने सुनील कुमार के भतीजों और भतीजी को समन किया. पूछताछ के दौरान सभी ने बैंक खातों का ऑपरेशन अपने चाचा सुनील कुमार द्वारा ही किये जाने की बात कही. जांच के दौरान बिना कोई काम किये ही अपने भतीजों और भतीजी के खाते में केवीआईसी के खाते से पैसा ट्रांसफर कर दिया. सुनील कुमार ने अपने भतीजा अमन के खाते में 1.44 करोड़, साहिल के खाते में 1.52 करोड़ और प्रिया के खाते में 23 लाख रुपये ट्रांसफर किया.

 

इसके बाद सुनील कुमार ने इन खातों में ट्रांसफर किये गये पैसों को जायज कमाई दिखाने के उद्देश्य से कई तरह के हथकंडा अपनाया. इसमें अमन द्वारा विकास भारती में Bee Coloney सप्लाई कर 92.50 लाख रुपये की जायज कमायी दिखाने का हथकंडा भी शामिल है. अमन और प्रिया ने आश्रम कल्याण निधि न्यास को 31.11 लाख रुपये का दान भी दिया, ताकि समाज में उसका प्रभाव कायम हो सके.

 

विकास भारती में Bee Coloney सप्लाई और आश्रम कल्याण निधि न्यास में दान दिये जाने के मामले की जांच के दौरान ईडी ने विकास भारती के सचिव को समन भेजा. आश्रम के सिलसिले में भेजे गये समन के आलोक में उन्होंने ईडी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया. इसमें उन्होंने घोटाले के पैसों से ट्रस्ट को दान दिये जाने की जानकारी होने से इनकार कर दिया. हालांकि बाद में ट्रस्ट ने ड्राफ्ट के सहारे इस रकम को ईडी के हवाले कर दिया.

 

अमन द्वारा Bee Coloney सप्लाई कर 92.50 लाख रुपये कमाये जाने के मुद्दे पर ईडी के समक्ष विकास भारती के अकाउंटेंट स्थिति स्पष्ट करने के लिए उपस्थित हुए. उन्होंने ईडी को बताया कि विकास भारती को केवीआईसी मुंबई से SFURTI कार्यक्रम चलाने की स्वीकृति दी गयी थी. इस योजना की कुल लागत 2.54 करोड़ रुपये थी. योजना के तहत Bee Coloney सप्लाई में अमन कुमार को 92.50 लाख रुपये का भुगातन किया गया था. केवीआईसी के कार्यपालक सुनील कुमार से विकास भारती को यह कहा था कि अमन, केवीआईसी मुंबई का निबंधित सप्लायर है. इसके बाद ही उसे काम दिया गया था.

 

ईडी की जांच में पाया गया कि विकास भारती से काम मिलने के बाद सुनील कुमार के निर्देश पर मेसर्स बाबा हनी ट्रेडर्स और मेसर्स एचएम इंटरप्राइजेज ने विकास भारती में Bee Coloney की आपूर्ति की. इस आपूर्ति के बदले इन कंपनियों के अमन के खाते में डाले गये घोटाले की रकम से भुगतान किया गया. साथ ही विकास भारती से अमन कुमार को मिली रकम को जायज आमदनी के रूप में दिखाने की कोशिश की गयी.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp