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आखिर किसके संरक्षण में पांच साल में 50 करोड़ से अधिक संपत्ति का मलिक बना नितेश सिंह

 
ED की कार्रवाई के बाद फिर से चर्चा में आये नितेश सिंह... Sanjeet Yadav  Palamu :  नल जल योजना में करोड़ों के घोटाले से जुड़े मामले में ईडी झारखंड सरकार के एक मंत्री, आईएएस अधिकारी मनीष रंजन समेत कई विभागीय इंजीनियर्स से जुड़े 20 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. ईडी की इस कार्रवाई के बाद एक फिर से गढ़वा के चिनियां प्रखंड स्थित बरवाडीह पंचायत के पूर्व मुखिया नितेश सिंह का नाम चर्चा में है. नितेश सिंह ने कम समय में ही गांव में करीब एक करोड़ से अधिक लागत से अलीशान घर बना लिया. इतना ही नहीं चर्चा है कि वो 50 करोड़ से अधिक संपत्ति के मलिक हैं. साल 2021 में नितेश सिंह के पास 50 हजार नगद, 6 हजार बैंक बैलेंस, पांच भर सोना, 20 भर चांदी और 20 एकड़ जंगल में पुस्तनी जमीन थी. लेकिन इन पांच सालों में उसकी संपत्ति में बेतहाशा इजाफा हुआ है. यह सवाल उठने लगा है कि आखिर किसके संरक्षण में नितेश सिंह पांच साल में 50 करोड़ से अधिक संपत्ति का मलिक बना. या नितेश के हाथ ऐसा कौन सा खजाना लगा कि वह पांच सालों में करोड़पति बन गया. https://lagatar.in/under-whose-protection-did-nitish-singh-become-the-owner-of-property-worth-more-than-50-crores-in-five-years/untitled-15-66/"

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आखिर पांच सालों में कैसे करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गये नितेश

इधर ईडी की कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट में सैयद दन्याल दानिश द्वारा जनहित याचिका के आलोक में की जाने की बात सामने आयी है. दन्याल दानिश ने बताया कि नितेश सिंह ने अपने चुनावी हलफनामे में सिर्फ पचास हजार रूपये और छह हजार नगद होने की बात कही थी. उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आखिर किसके संरक्षण में पांच सालों में नितेश पेट्रोल पंप, हाइवा, पोकलेन, जेसीबी समेत करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गये. दन्याल दानिश ने आरोप लगाया है कि नितेश पलामू और गढ़वा में माइंस व अवैध बालू कारोबार में डायरेक्ट लगे हुए हैं. उनके कई जगह पर पत्थर क्रेशर होने की बात सामने आयी है.  
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