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धनबाद में यूनियनों  की हुंकार, मजदूर अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं

12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान

Dhanbad : मजदूर हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और चार नए लेबर कोड के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. इसे लेकर मंगलवार को धनबाद परिसदन में सभी प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की.


नेताओं ने कहा कि इससे पहले 9 जुलाई 2025 को भी चार लेबर कोड व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल की गई थी. उनका आरोप है कि नए श्रम कानूनों के लागू होने से मजदूरों के अधिकार कमजोर हुए हैं और वे खुद को असुरक्षित व असहाय महसूस कर रहे हैं. यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां श्रमिकों के हितों की बजाय निजीकरण व कॉर्पोरेट घरानों को बढ़ावा देने वाली हैं. सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं गई हैं, जिनमें चारों लेबर कोड व उनके नियमों को तत्काल रद्द करने, सम्मानजनक रोजगार व न्यूनतम मजदूरी की कानूनी गारंटी, सामाजिक सुरक्षा व पेंशन की व्यवस्था, सभी के लिए खाध, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास, कोयला उद्योग में कामर्शियल माइनिंग पर रोक, कोयला मजदूरों के लिए 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी 1 जनवरी 2017 से लागू करने, जेबीसीसीआई-12 का शीघ्र गठन, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों को तत्काल नियोजन देने, कोयला क्षेत्र में ठेका प्रथा पर अंकुश लगाने की मांगें शामिल हैं.


यूनियन नेताओं ने कहा कि अगर सरकार मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. नेताओं ने जिले के सभी मजदूरों से 12 फरवरी की हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई मजदूरों के अधिकार व सम्मानजनक जीवन के लिए है. प्रेसवार्ता में एके झा, ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह, मानस चटर्जी, रंजन कुमार, भवानी बंदोपाध्याय, संतोष महतो, अर्जुन सिंह, रमेश सिंह, स्वप्न बनर्जी, एसएस डे, अमित कुमार झा, प्रमोद कुमार तिवारी, प्रीतम रवानी सहित बड़ी संख्या में ट्रेड यूनियन पदाधिकारी मौजूद थे.

 


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