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देवघर में होली मनाने की अनूठी परंपरा

Deoghar : बाबा बैद्यनाथ की नगरी  देवघर में होली मनाने की अनूठी परंपरा है. होलिका दहन की रात मंदिर में हरिहर मिलन अनुष्ठान किया जाता है. इस अवसर पर राधा-कृष्ण की युगल मूर्ति पर गुलाल चढ़ाया जाता है. इसके बाद बाबा भोलेनाथ को गुलाल चढ़ाया जाता है. अनुष्ठान के वक्त ढोल-नगाड़े बजते रहते हैं. राधा-कृष्ण की मूर्ति को झूले पर झुलाया जाता है, फिर उस मूर्ति को पालकी में बैठाकर मंदिर का भ्रमण कराया जाता है. देवघर के स्थानीय लोग इस अनुष्ठान के गवाह बनते हैं. अनुष्ठान के समापन के बाद यहां होली की शुरूआत हो जाती है. इस अनुष्ठान को मनाने के पीछे मकसद ये है कि देवघर में बाबा भोलेनाथ की भगवान विष्णु शिव के साथ मिलन हरिलाजोड़ी में इसी दिन हुई थी. इसी वजह से हरि अर्थात् विष्णु और हर यानी शिव के मिलन के कारण होलिका दहन के दिन इस अनुष्ठान को मनाया जाता है. यह परंपरा देवघर में प्राचीन काल से है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=269449&action=edit">यह

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