Ranchi : अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) का प्रतिनिधिमंडल रांची विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला के नेतृत्व में
यूजी सेशन
2017–20 एवं
2018–21 जीई पेपर की परीक्षा में हो रही
समास्याओं को लेकर रांची विश्वविद्यालय के कुलपति से
मिला. अभिषेक शुक्ला ने कहा की स्नातक सत्र
2017–20 एवं
2018–21 में विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार एक ही जेनेरिक पेपर की परीक्षा कराई गई
थी. परंतु अब अचानक कोर्स पूरा हो जाने के दो वर्षों के बाद दूसरे जेनेरिक पेपर की परीक्षा का नोटिफिकेशन विश्वविद्यालय द्वारा जारी किया गया
है. जिससे विश्वविद्यालय के उस सत्र के छात्र-छात्राएं काफी परेशान और हताश
हैं. कई ऐसे छात्र हैं जिन्होंने परिस्थितिवश पढ़ाई
छोड़ दी. बहुत सारे छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए झारखंड से बाहर दूसरे राज्यों में रह रहे हैं, तो कई विभिन्न स्थान पर नौकरी कर रहे
हैं. ऐसी कई गलतियां विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग द्वारा बारंबार की गई
हैं. विभाग के गलतियों के कारण पूरे विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं को भुगतना
पड़ रहा है, जो आजसू कतई बर्दाश्त नहीं
करेगी. मौके पर ओम वर्मा, चेतन सिंह, विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला,
गिलमन अनवर, अमित तिर्की, विक्रम कुमार यादव, विशाल यादव, विपिन कुमार यादव के अलावा कई सदस्य मौजूद थे.
आजसू की मांग
- सत्र 2017-20 एवं 2018-21 के छात्र छात्राओं का एवरेज मार्क्स निकाल कर उस मार्क्स को जोड़कर नया रिजल्ट प्रदान किया जाए.
- अगर एवरेज मार्क्स निकालकर मूल्यांकन करना संभव नहीं है तो छात्र छात्राओं की परीक्षा ऑनलाइन मोड में हो ताकि जो छात्र छात्राएं रांची से बाहर चले गए हैं, उन्हें किसी प्रकार के परेशानी का सामना ना करना पड़े.
- अगर इसमें भी विश्वविद्यालय को परेशानी है तो चारों सेमेस्टर के जेनेरिक पेपर की परीक्षा ऑनलाइन 10 दिन में करवाया जाए. छात्र छात्राओं का परीक्षा फल एक माह के अंदर प्रकाशित किया जाए ताकि छात्र छात्राओं को किसी भी जगह एडमिशन लेने अथवा किसी भी परीक्षा का फॉर्म भरने में परेशानी का सामना ना करना पड़े.
इसे भी पढ़ें – जून">https://lagatar.in/complete-pending-houses-till-june-chandrasekhar/">जून
तक लंबित आवासों को पूरा कराएं : चंद्रशेखर [wpse_comments_template]
Leave a Comment