Agra : उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट के जीव विज्ञान और गणित का पेपर गुरुवार को परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक राजेंद्र सिंह उर्फ हुड्डा और अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक गंभीर सिंह को गिरफ्तार किया है. वहीं पेपर लीक का मुख्य आरोपी विनय चौधरी बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी को लेकर जगह-जगह छापेमारी कर रही है. बता दें कि मुख्य आरोपी विनय चौधरी कॉलेज में कंप्यूटर ऑपरेटर है. वह कॉलेज प्रबंधक का बेटा भी है. उसके मोबाइल नंबर से ही पेपर (प्रश्न पत्र) व्हाट्सएप ग्रुप में डाला गया था. ग्रुप में जब कमेंट आने शुरू हुये तो तुरंत ही प्रश्न पत्र को डिलीट कर दिया गया. लेकिन तब तक प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था. खुद को फंसता देख विनय ने तुरंत ही ग्रुप छोड़ दिया और मोबाइल भी ऑफ कर लिया. जांच में यह जानकारी सामने आई कि पेपर लीक अतर सिंह इंटर कॉलेज रोझौली के कंप्यूटर ऑपरेटर विनय चौधरी ने किया था. पेपर लीक होने पर विनय के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया गया. विनय के अतिरिक्त स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ भी शिकायत की गई है.
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जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन
पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जीव विज्ञान और गणित के पेपर लीक की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. विभाग के अधिकारी अब घटना की जांच कर रहे हैं. गौरतलब है कि इंटरमीडिएट के जीव विज्ञान और गणित का पेपर गुरुवार को दोपहर 2:00 बजे से शुरू हुआ था. पेपर शुरू होने के 1 घंटे बाद दोनों पेपर `ऑल प्रिंसिपल आगरा ग्रुप` में डाला गया था. जांच कमेटी को आशंका है कि पेपर को कहीं और भेजना था गलती से ग्रुप में डला गया होगा. कमेटी इस पेपर लीक कांड में शिक्षा माफियाओं के संलिप्तता की भी जांच कर रही है. इसे भी पढ़ें : प्रधानमंत्री">https://lagatar.in/jharkhand-will-progress-due-to-prime-ministers-policies-champai-soren/">प्रधानमंत्रीकी नीतियों से झारखंड बढ़ेगा आगे- चंपाई सोरेन [wpse_comments_template]
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