Search

UPA ने बीजेपी को दी चुनौती, कहा- धारा 356 लगाकर सरकार को कर दें बेदखल

Nitesh Ojha Ranchi: पिछले कुछ माह से कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार हल्ला बोल रही है. कांग्रेस का आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर केंद्र की भाजपा सरकार चुनी हुई गैर-भाजपाई सरकार को परेशान कर रही है. वहीं झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय को अभी भी राजभवन पर पूरा भरोसा है. रविवार को मीडिया से बातचीत में प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता को लेकर राजभवन द्वारा लिए जाने वाले फैसले पर उन्हें भरोसा है. शाम ढलते-ढलते कांग्रेस-झामुमो विधायकों के सुर बदल गए. रविवार देर शाम मुख्यमंत्री आवास में झामुमो-कांग्रेस और राजद के कुल 11 विधायकों ने आरोप लगा दिया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता को लेकर केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने जो भी सीलबंद रिपोर्ट राजभवन को भेजा है, उसे जानबूझ कर सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है. ऐसा कर राजभवन राज्य में हॉर्स ट्रैंडिग (विधायकों के खरीद-फरोख्त) को बढ़ावा दे रहा है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता तो एक कदम आगे बढ़ते हुए बोले कि अगर राजभवन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर सकता, तो धारा 356 लगाकर प्रदेश की सत्ता को बेदखल ही कर दे.

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9(ए) के तहत आज तक किसी की भी नहीं गयी सदस्यता

मीडिया से बातचीत में झामुमो के वरिष्ठ नेता सह मंत्री चंपई सोरेन ने कहा, प्रदेश की हेमंत सोरेन सरकार को एक सोची-समझी राजनीति के तहत डिस्टर्ब किया जा रहा है. प्रदेश ही नहीं पूरे देश में ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता चली गयी है. लेकिन जिस लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9(ए) के तहत सदस्यता जाने की बात हो रही है, उसपर आज तक किसी की भी विधायक की सदस्यता नहीं गयी है. इस दौरान झामुमो से स्टीफन मरांडी, लोबिन हेम्ब्रेम, सरफराज अहमद, मथुरा महतो, कांग्रेस से मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक कुमार जयमंगल, दीपिका पांडेय सिंह, पूर्णिमा नीरज सिंह, अंबा प्रसाद और राजद से मंत्री सत्यानंद भोक्ता उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें-गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-bjp-does-not-discriminate-against-anyone-radha-mohan/">गिरिडीह

: बीजेपी किसी से भेदभाव नहीं बरतती- राधा मोहन  

सरकार द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों को रोकने की साजिश

चंपई सोरेन यहीं नहीं रूके. उन्होंने कहा, `आज इस तरह का माहौल बनाकर हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों को रोकने की साजिश रची गयी है. आज जब एक आदिवासी बेटा झारखंड का विकास कर रहा है, वर्षों पुरानी समस्याओं का निदान कर रहा है, आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक के अधिकारों का संरक्षण किया जा रहा है, तो भाजपा को पच नहीं रहा.` उन्होंने कहा कि राजभवन के पास अगर निर्वाचन आयोग ने कोई रिपोर्ट भेजा है, तो उसे तत्काल ही सार्वजनिक करना चाहिए. लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा.

महाराष्ट्र की तरह झारखंड में हॉर्स ट्रैंडिग को बढ़ावा

चंपई ने कहा कि बीते दिनों महाराष्ट्र में भी हॉर्स ट्रैंडिग कर विधायकों का खरीद-फरोख्त किया गया था. इसमें कोई शक नहीं कि निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर, यहां भी खऱीद-फरोख्त को बढ़ावा देना है.

आखिर मुख्यमंत्री ने ऐसा कौन सा अपराध किया जिससे उन्हें परेशान किया जा रहा

वहीं बन्ना गुप्ता ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को पिछले कुछ माह से भाजपा वाले एक सोची-समझी राजनीति के तहत डिस्टर्ब और बदनाम करने का काम कर रहे हैं. इसके लिए वे संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं. लोकतंत्र का यह काला अध्याय है. आखिर मुख्यमंत्री ने ऐसा कौन सा अपराध किया है, जिससे उन्हें परेशान किया जा रहा है. रिपोर्ट को राजभवन आखिर सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहा. अगर राजभवन ऐसा नहीं कर सकता तो राज्य में धारा 356 लगाकर हमें सत्ता से ही बेदखल क्यों नहीं किया जा रहा. बन्ना ने कहा, राजभवन जल्द ही रिपोर्ट सार्वजनिक करें, हम अगले 24 घंटे के अंदर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जवाब देंगे. इसे भी पढ़ें-राज्य">https://lagatar.in/state-government-failed-on-every-front-betrayed-the-backwards-chandraprakash-choudhary/">राज्य

सरकार हर मोर्चे पर विफल, पिछड़ों को दिया धोखा: चंद्रप्रकाश चौधरी

निशिकांत गोपीचंद जासूस और चौकीदार की भूमिका में

बन्ना गुप्ता, निशिकांत दूबे पर खूब बरसे. उन्होंने कहा, `भाजपा सांसद गोपीचंद जासूस और चौकीदार की भूमिका में है. आखिर उन्हें हर चीज की जानकारी पहले कैसे हो जाती है. भाजपा वाले यह भूल जाते हैं कि हेमंत सरकार उलगुलान करने वाली पार्टियों का गठबंधन है.`

हेमंत सरकार उलगुलान करने वाली पार्टियों का गठबंधन – स्टीफन मरांडी

झामुमो विधायक स्फीफन मरांडी ने कहा, "लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम – 1951 की धारा 9(ए) के तहत आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि की सदस्यता नहीं गयी है. हेमंत सरकार तो बाहरी मुख्यमंत्री की कार्यशैली और जमीन लूट के खिलाफ हुए आक्रोश के बाद सत्ता में आयी है. लेकिन इस सरकार को एक सोची समझी राजनीति के तहत परेशान किया जा रहा है. भाजपा वाले यह भूल जाते हैं कि हेमंत सरकार उलगुलान करने वाली पार्टियों का गठबंधन है." [wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp