लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9(ए) के तहत आज तक किसी की भी नहीं गयी सदस्यता
मीडिया से बातचीत में झामुमो के वरिष्ठ नेता सह मंत्री चंपई सोरेन ने कहा, प्रदेश की हेमंत सोरेन सरकार को एक सोची-समझी राजनीति के तहत डिस्टर्ब किया जा रहा है. प्रदेश ही नहीं पूरे देश में ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता चली गयी है. लेकिन जिस लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9(ए) के तहत सदस्यता जाने की बात हो रही है, उसपर आज तक किसी की भी विधायक की सदस्यता नहीं गयी है. इस दौरान झामुमो से स्टीफन मरांडी, लोबिन हेम्ब्रेम, सरफराज अहमद, मथुरा महतो, कांग्रेस से मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक कुमार जयमंगल, दीपिका पांडेय सिंह, पूर्णिमा नीरज सिंह, अंबा प्रसाद और राजद से मंत्री सत्यानंद भोक्ता उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें-गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-bjp-does-not-discriminate-against-anyone-radha-mohan/">गिरिडीह: बीजेपी किसी से भेदभाव नहीं बरतती- राधा मोहन
सरकार द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों को रोकने की साजिश
चंपई सोरेन यहीं नहीं रूके. उन्होंने कहा, `आज इस तरह का माहौल बनाकर हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों को रोकने की साजिश रची गयी है. आज जब एक आदिवासी बेटा झारखंड का विकास कर रहा है, वर्षों पुरानी समस्याओं का निदान कर रहा है, आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक के अधिकारों का संरक्षण किया जा रहा है, तो भाजपा को पच नहीं रहा.` उन्होंने कहा कि राजभवन के पास अगर निर्वाचन आयोग ने कोई रिपोर्ट भेजा है, तो उसे तत्काल ही सार्वजनिक करना चाहिए. लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा.महाराष्ट्र की तरह झारखंड में हॉर्स ट्रैंडिग को बढ़ावा
चंपई ने कहा कि बीते दिनों महाराष्ट्र में भी हॉर्स ट्रैंडिग कर विधायकों का खरीद-फरोख्त किया गया था. इसमें कोई शक नहीं कि निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर, यहां भी खऱीद-फरोख्त को बढ़ावा देना है.आखिर मुख्यमंत्री ने ऐसा कौन सा अपराध किया जिससे उन्हें परेशान किया जा रहा
वहीं बन्ना गुप्ता ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को पिछले कुछ माह से भाजपा वाले एक सोची-समझी राजनीति के तहत डिस्टर्ब और बदनाम करने का काम कर रहे हैं. इसके लिए वे संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं. लोकतंत्र का यह काला अध्याय है. आखिर मुख्यमंत्री ने ऐसा कौन सा अपराध किया है, जिससे उन्हें परेशान किया जा रहा है. रिपोर्ट को राजभवन आखिर सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहा. अगर राजभवन ऐसा नहीं कर सकता तो राज्य में धारा 356 लगाकर हमें सत्ता से ही बेदखल क्यों नहीं किया जा रहा. बन्ना ने कहा, राजभवन जल्द ही रिपोर्ट सार्वजनिक करें, हम अगले 24 घंटे के अंदर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जवाब देंगे. इसे भी पढ़ें-राज्य">https://lagatar.in/state-government-failed-on-every-front-betrayed-the-backwards-chandraprakash-choudhary/">राज्यसरकार हर मोर्चे पर विफल, पिछड़ों को दिया धोखा: चंद्रप्रकाश चौधरी

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