Search

यूपीए ने 10 सालों में देश को खोखला कर दिया था, मोदी सरकार ने संकट से उबारा : प्रदीप वर्मा

Ranchi :  भाजपा के प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री की ओर से आर्थिक विषयों पर पेश श्वेत पत्र को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है. भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने कहा कि इस स्वेतपत्र में यूपीए सरकार के 10 साल (2004 से 14) की नाकामियां और एनडीए सरकार के 10 साल (2014 से 24) की उपलब्धियां मौजूद है. दोनों सरकार के 10 साल के शासनकाल के आर्थिक पहलुओं का तुलनात्मक अध्ययन करें तो यह पता चलता है कि यूपीए ने देश को 10 सालों में आर्थिक रूप से खोखला कर दिया था. जबकि मोदी सरकार ने आर्थिक व्यवस्था को मजबूत किया.

2014 में एनपीए का प्रतिशत 12.5 फीसदी था, अब 2% से ज्यादा नहीं 

प्रदीप वर्मा ने कहा कि भाजपा को 2014 में ही श्वेत पत्र जारी कर देना चाहिए था. लेकिन हमने ऐसा नहीं किया, क्योंकि इससे हमें पॉलिटिकल लाभ तो मिलता लेकिन देश की बदनामी होती. प्रदीप वर्मा ने कहा कि बैंक अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं. वाजपेई सरकार जब 2004 में सत्ता से गयी थी, तब बैंकों में एनपीए का प्रतिशत 7.8 फीसदी था. इसके बाद 2014 में जब यूपीए सरकार का शासन खत्म हुआ, उस वक्त एनपीए का प्रतिशत 12.5 फीसदी था. मोदी सरकार को बेहद जर्जर बैंकिंग सिस्टम मिला था. 10 सालों में इसमें चमत्कारी परिवर्तन हुआ. आज किसी बैंक का एनपीए 2% से ज्यादा नहीं है.

मोदी सरकार के हाथ में देश की बागडोर आयी, तो लोगों को रोजगार मिले

प्रदीप वर्मा ने कहा कि यूपीए सरकार में 2G, कोयला, ट्रक कॉमनवेल्थ गेम, आदर्श कोऑपरेटिव सोसाइटी, शारदा चिट फंड, लैंड फॉर जॉब जैसे कई बड़े घोटाले हुए थे. उस वक्त प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मजबूर होकर देश की अर्थव्यवस्था को चौपट होते हुए देख रहे थे. जब मोदी सरकार के हाथ में देश की बागडोर आयी, तब शौचालय बनाने का काम शुरू हुआ. इससे लोगों को रोजगार मिला. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनने शुरू हुए. इससे भी लोगों को रोजगार मिला. आयुष्मान कार्ड दिया गया. इससे प्राइवेट हेल्थ सेक्टर को सपोर्ट मिला. मोदी जी ने साधारण सी लगने वाली योजनाओं से देश की जीडीपी को बढ़ाया. [wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp