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धनबाद सदर अस्पताल बाउंड्री वॉल पर बवाल: पत्थरबाजी में 1 स्वास्थ्यकर्मी घायल

Dhanbad : धनबाद के सदर अस्पताल की बाउंड्री वॉल को लेकर चल रहा विवाद टकराव में बदल गया है. शनिवार को स्वास्थ्यकर्मियों व अधिवक्ताओं के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया कि मामला पत्थरबाजी तक पहुंच गया. पथराव में एक स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गया. इसके बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई.

मौन जुलूस से शुरू हुआ विरोध


इस मुद्दे पर शनिवार की सुबह जिले भर से सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मी सदर अस्पताल परिसर में जुटे और प्रशासन के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. मौन जुलूस निकालकर अपनी नाराजगी जताई. कहा कि अस्पताल की सुरक्षा से किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जाएगा. हालांकि, प्रदर्शन में केवल रूटीन कार्य से जुड़े कर्मचारी शामिल हुए. मरीजों को परेशानी न हो इसलिए इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी गईं.

 
शाम को बिगड़े हालात, पत्थरबाजी

शनिवार शाम को हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए. स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, अधिवक्ताओं ने बाउंड्री वॉल तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और पत्थरबाजी शुरू हो गई. इस दौरान एक स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गया. घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया.

स्वास्थ्यकर्मियों का पक्ष

स्वास्थ्यकर्मी रामाधार शर्मा ने बतया कि अस्पताल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया है. पहले प्रशासनिक स्तर पर समझौते के तहत अधिवक्ताओं को 6 फीट जमीन रास्ते के लिए दी गई थी, लेकिन अब 16 फीट जगह की मांग की जा रही है, जो पार्किंग सुविधा के लिए बताई जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अचानक पत्थरबाजी की गई, जिसमें उनके साथी को चोट लगी. स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, विरोध जारी रहेगा.

अधिवक्ताओं का पक्ष

वहीं, धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधे गोस्वामी ने बताया कि अधिवक्ताओं का विरोध शनिवार को तीसरे दिन भी जारी है. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को एसएसपी प्रभात कुमार की मौजूदगी में वार्ता हुई थी, जिसमें बाउंड्री वाल तोड़ कर अस्थाई रास्ता देने पर सहमति बनी थी. उनका आरोप है कि प्रशासन ने तय समझौते को लागू नहीं किया, जिससे नाराजगी बढ़ी है. उन्होंने कैमरा तोड़ने व बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त करने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. इसे अधिवक्ताओं को बदनाम करने की साजिश बताया. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी.

 


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