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"अग्‍न‍िपथ योजना" पर बिहार में बवाल, जगह-जगह प्रदर्शन और रोड जाम

 
Patna : सेना">https://lagatar.in/if-you-dont-eat-tilaiyas-saffron-kalakand-and-barhiyas-rasgulla-then-what-to-eat/">सेना

में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्‍न‍िपथ योजना का बिहार में विरोध शुरू हो गया है. बिहार के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन और हंगामा शुरू कर दिया गया. मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्‍न‍िपथ योजना की घोषणा की थी और अगले ही दिन बुधवार को विरोध शुरू हो गया. बिहार के बक्‍सर, मुजफ्फरपुर, आरा समेत कई जिलों में लोगों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया. बक्सर में रेलवे ट्रैक जाम कर दिया, वहीं मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर में आगजनी कर सड़क को जाम कर दिया. वहीं आरा में भी जमकर बवाल मचाया. इसे भी पढ़ें : गृह">https://lagatar.in/announcement-of-home-ministry-agniveers-will-get-priority-in-recruitment-in-capfs-and-assam-rifles/">गृह

मंत्रालय की घोषणा, अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती में मिलेगी प्राथमिकता 
बता दें कि केंद्र सरकार ने 14 जून को सेना की तीनों शाखाओं- थलसेना, नौसेना और वायुसेना में बड़ी संख्या में युवाओं की भर्ती के लिए अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की है. इस स्कीम के तहत नौजवानों को 4 साल के लिए भर्ती किया जायेगा. उन्‍हें 4 साल के लिए डिफेंस फोर्स में अपनी सेवा देनी होगी. माना जा रहा है कि सरकार ने यह कदम तनख्वाह और पेंशन का बजट कम करने के लिए उठाया है. इसके विरोध में बुधवार को हजारों लोग बिहार की सड़कों और रेलवे ट्रैक पर उतर आये. मुजफ्फरपुर में सबसे पहले प्रदर्शनकारी ARO (आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस) के बाहर पहुंचे. यहां जमकर विरोध जताया, फिर माड़ीपुर में आगजनी कर सड़क को जाम कर दिया. रोड जाम और हंगामा की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, मगर वे लोग मानने को तैयार नहीं हुये. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सेना का कोई अधिकारी उन लोगों की समस्या नहीं सुनेंगे वे सड़क से नहीं हटेंगे.  वहीं बक्‍सर में प्रदर्शन‍कारियों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. उनका कहना था कि इससे हमारा भविष्‍य खराब हो जायेगा. 4 साल बाद हमलोग रोड पर आ जाएंगे. `नेता हो या विधायक, सभी को 5 साल का समय मिलता है, 4 साल में हमारा क्या होगा. हमारे पास पेंशन की भी सुविधा नहीं है. सेना में नियुक्ति की यह योजना हर हाल में रद्द की जाए. हालांकि अधिकारियों के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी मान गये, जिसके बाद रेलवे ट्रैक पर परिचालन शुरू हो सका. इसे भी पढ़ें : तिलैया">https://lagatar.in/if-you-dont-eat-tilaiyas-saffron-kalakand-and-barhiyas-rasgulla-then-what-to-eat/">तिलैया

का केसरिया कलाकंद और बड़हिया का रसगुल्ला नहीं खाए तो खाए क्या
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