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आउटसोर्सिंग पर बहाल नर्सों का हंगामा, एक साल के लिए नियुक्ति की बात कह एक महीने काम करवाने के बाद हटाने का दबाव

टी एंड एम आउटसोर्सिंग कंसलटिंग एजेंसी ने किया था बहाल

Ranchi : कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौरान राज्य सरकार अस्पतालों की व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी हुई थी. रिम्स अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाई गई. बेड बढ़ने के साथ मैनपावर की जरूरत थी. जिसके लिए विज्ञापन निकाला गया. मैनपावर की बहाली का जिम्मा टी एंड एम कंसलटिंग प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया. झारखंड रूरल हेल्थ मिशन सोसाइटी के बिहाफ में कंपनी ने आनन-फानन में करीब 749 लोगों को बहाल कर लिया. एक महीने तक नर्सों से काम भी करवाया गया और अब कहा जा रहा है कि उन्हें काम पर नहीं रखा जाएग.

रिम्स मेट्रोन कार्यालय के समक्ष नर्सों का हंगामा

वहीं काम से हटाए जाने के बाद 125 की संख्या में ANM नर्सों ने रिम्स के मेट्रोन कार्यालय के पास हंगामा किया. नर्सों ने कहा कि संकट की घड़ी में हमें आनन-फानन में बहाल कर लिया गया. 1 महीने तक काम करवाया गया और अब कहा जा रहा है कि आपको काम पर नहीं रखा जाएगा. आउटसोर्सिंग पर कार्यरत नसीमा खातून ने कहा कि बहाली के समय हम लोगों से यह नहीं पूछा गया कि आप एएनएम है या जीएनएम. 1 महीने तक काम करवाया गया और अब कहा जा रहा है कि आपको काम पर नहीं रखा जाएगा.

बिना रिज्यूम देखे काम पर रख लिया और अब हटाने की जा रही है बात

वही आउटसोर्स पर बहाल राजबाला कुमारी ने कहा कि नियुक्ति के वक्त रिज्यूम को देखा नहीं गया. आनन-फानन में हम लोगों को नियुक्त कर एक महीना काम भी करवाया गया और अब कहा जा रहा है कि आज (1 जून) से हम लोगों को हाजिरी नहीं बनाना है.

संकट की घड़ी में लोगों को हमलोगों ने बचाया

वही नर्स अंजली कुमारी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हम लोगों से एक महीना काम करवा कर अब हटाने की बात कही जा रही है. विज्ञापन में लिखा गया था कि 3 माह से लेकर अधिकतम 1 साल तक के लिए नियुक्ति किया जाएगा. उन्होंने कहा कि एक महीना काम करने के बाद भी सैलरी नहीं मिला है. ना ही हमें नियुक्ति पत्र दिया गया है.

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राज्य सरकार मतलब कि यार- समरी लाल

वही कांके विधायक समरी लाल ने कहा कि यह सरकार मतलब कि यार है. संकट के इस घड़ी में ANM से काम करवा कर अब हटाया जा रहा है. कोरोना का हाल में सभी लोगों ने जान पर खेलकर लोगों को बचाने का काम किया है. अपने घर परिवार और बच्चों से दूर रहकर काम करने के बाद अब इन्हें हटाने का दबाव दिया जा रहा है. कोरोना की संभावित तीसरी लहर आने वाली है. ऐसे में इन्हें हटा देने से मुश्किल और बढ़ेगी. राज्य सरकार को इन पर विचार करते हुए जहां नर्सों की कमी है वहां नियुक्त कर देना चाहिए.

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