New Delhi: अपने बयान को लेकर सुर्खियों में रहना अरशद मदनी को खूब आता है. दिल्ली के रामलीला मैदान में चल रहे जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन में उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जिसके बाद मंच पर बवाल हो गया और कई धर्मगुरुओं ने उनका विरोध करते हुए मंच छोड़ दिया. दरअसल, मौलाना अरशद मदनी ने मोहन भागवत की आलोचना करते हुए कहा कि अल्लाह और ओम एक हैं. इस पर जैन गुरु लोकेश मुनि ने आपत्ति जताई. जिसके बाद जैन और कई दूसरे धर्मगुरुओं ने मंच छोड़ दिया.
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मदनी ने कहा कि हम सबसे पहले इसी देश में पैदा हुए और इसलिए घर वापसी और सारे मुसलमान भी हिंदू हैं. मदनी के बयान पर जैन गुरु लोकेश मुनि ने स्टेज पर खड़े होकर विरोध जताया और कहा कि जोड़ने वाले कार्यक्रम में आपत्तिजनक बातें क्यों हो रही है.
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इसी कार्यक्रम में मदनी ने कहा था कि मुसलमानों को पैगंबर का अपमान मंजूर नहीं है. पैगंबर के खिलाफ बयानबाजी भी सही नहीं है. देश में शिक्षा का भगवाकरण हो रहा है. किसी भी धर्म की पुस्तकें दूसरों पर थोपी नहीं जानी चाहिए. यह मुसलमानों के लिए अस्वीकार्य है. यह भारतीय संविधान के लोकाचार के खिलाफ है.
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