Ranchi : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कहे जाने के विरोध में गुरुवार को विभिन्न आदिवासी संगठनों ने बिरसा चौक पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन का पुतला फूंका. इस कार्यक्रम में झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा, जनजाति धर्म संस्कृति रक्षा मंच झारखंड प्रदेश, केंद्रीय युवा चाला विकास समिति झारखंड, जनजाति सुरक्षा मंच झारखंड, राष्ट्रीय आदिवासी मंच, मिसिर गोंदा सरना विकास समिति रांची, दिसुम जाहेर गढ़ धुर्वा एवं अन्य जनजाति/आदिवासी सामाजिक संगठन के लोग शामिल हुए. संगठनों ने कहा है कि राष्ट्रपति पद एक संवैधानिक और सम्मानित पद है. ऐसे पद पर बैठे किसी के प्रति इस तरह बयान देना सरासर गलत है व निंदनीय है. इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है. इसका हम आदिवासी सामाजिक संगठन घोर विरोध करते हैं.
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एसटी-एसी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराएंगे
झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव ने कहा कि पहली बार एक आदिवासी /जनजाति समाज की महिला को राष्ट्रपति बनना अधीर रंजन चौधरी जैसे लोगों को खटक रहा है. यह इनके दिमागी दिवालियापन का परिचायक है. अध्यक्ष केंद्रीय युवा चाला विकास समिति एवं मुखिया संघ कांके के अध्यक्ष सोमा उरांव ने कहा कि अधीर रंजन चौधरी का चाल और चरित्र सबके सामने उजागर हो गया है. अधीर रंजन सार्वजनिक रूप से माफी मांगें अन्यथा एसटी-एसी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराएंगे. जनजाति सुरक्षा मंच झारखंड प्रदेश के संयोजक संदीप उरांव ने कहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय संविधान के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं. इस पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए. रोपनी मिंज ने कहा है कि यह समस्त नारी शक्ति का अपमान है. इसे भी पढ़ें- साहिबगंज">https://lagatar.in/sahibganj-ed-in-action-on-the-fourth-day-measured-the-mines-of-tinkle-bhagat-patru-singh-and-rajesh-jaiswal/">साहिबगंज: चौथे दिन भी एक्शन में ईडी, टिंकल भगत, पतरु सिंह और राजेश जयसवाल के खदानों की मापी [wpse_comments_template]
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