Washington : अरब सागर में अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी झंडे वाले मालवाहक जहाज टॉस्का को कब्जे में ले लिये जाने की खबर है.
US military fired at a 900-foot-long Iranian cargo ship trying to get around President Trump's blockade and seized it after the crew refused to listen...pic.twitter.com/ekLm7XgF8u
— Special Situations 🌐 Research Newsletter (Jay) (@SpecialSitsNews) April 19, 2026
जानकारी के अनुसार 900 फीट लंबा जहाज टॉस्का ईरान के बंदरगाह बंदर अब्बास की ओर बढ़ रहा था. लेकिन रास्ते में अमेरिकी युद्धपोत USS Spruance ने इसे रोक लिया.
बता दें कि इसी इलाके में अमेरिका ने नाकाबंदी कर रखी है. पूरे इलाके में अमेरिका के एडवांस और घातक युद्धपोत मौजूद हैं. सूत्रों के अनुसार अमेरिकी युद्धपोतों का सामना करने के लिए ईरान ने अपने कथित मच्छर बेड़े (छोटी-छोटी युद्धक नाव) की तैनाती कर रहा है.
अमेरिका के अनुसार छह घंटे तक लगातार ईरानी कार्गो शिप को वार्निंग दी गयी, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने जहाज के इंजन रूम को खाली करने का आदेश दिया और फिर उस पर 5 इंच की तोप से गोले दागे.
जहाज के इंजन वाले हिस्से पर गोले लगते हीउसकी रफ्तार पूरी तरह थम गयी. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है.
ईरानी जहाज के रुकते ही अमेरिका की 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के जवान तेजी से उस पर चढ़े और ईरानी जहाज को कब्जे में ले लिया.
अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बयान जारी करते हुए कहा, टॉस्का अमेरिकी नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे रोक दिया गया. इस कार्रवाई से ईरान आगबबूला हो गया है.
इस घटना से कुछ घंटे पहले ईरान अमेरिकी नाकेबंदी को गलत करार देते हुए उसका विरोध कर रहा था. ईरानी मीडिया ने दावा किया कि इस घटना के बाद ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों की ओर ड्रोन भेजे हैं. इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा है कि वह पीछे हटने वाला नहीं है.
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