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अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र, फ्रांस, ब्रिटेन ने इजराइल पर ईरान के हमले की निंदा की, जी7 नेताओं की बैठक बुलाई गयी

 Washington : अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाडइन ने इजराइल पर ईरान के हमले की निंदा की. अमेरिका के अलावा संयुक्त राष्ट्र , फ्रांस, ब्रिटेन आदि देशों ने भी इजराइल पर ईरान के हमले की निंदा की है. स्थिति पर विचार विमर्श के लिए जी7 नेताओं के साथ बैठक होने जा रही है. ईरान के इस हमले ने पश्चिम एशिया को क्षेत्रव्यापी युद्ध के करीब धकेल दिया है.                                                                                       ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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बेंजामिन नेतन्याहू ने तेल अवीव के किरया में वॉर कैबिनेड की मीटिंग बुलाई

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तेल अवीव के किरया में वॉर कैबिनेड की मीटिंग बुलाई है. ईरान और इजरायल के बीच बढ़े तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ व्हाइट हाउस में मीटिंग की हैं. उधर, ईरान की ओर से किए गए इस ड्रोन अटैक के बाद ईरानी लीडर खामेनेई के आधिकारिक X हैंडल से एक वीडियो शेयर किया गया है, इसमें खेमेनई ने कहा कि दुष्ट शासन को दंडित किया जायेगा.

ईरान ने  क्रूज मिसाइल और बैलेस्टिक मिसाइल दागीं

इजराइली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हैगारी ने कहा कि ईरान ने कई ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलेस्टिक मिसाइल दागीं, जिनमें से अधिकतर को इजराइल की सीमाओं के बाहर नष्ट कर दिया गया. उन्होंने कहा कि युद्धक विमानों ने इजराइली हवाई क्षेत्र के बाहर 10 से अधिक क्रूज मिसाइलों को तबाह कर दिया, लेकिन कुछ मिसाइल इजराइल में गिरीं. बचावकर्ताओं ने बताया कि एक हमले में दक्षिणी इजराइल के बदूइन अरब शहर में 10 वर्षीय लड़की गंभीर रूप से घायल हो गयी. हैगारी ने कहा कि एक अन्य मिसाइल सैन्य अड्डे पर गिरी जिससे वहां मामूली नुकसान हुआ है.

ईरान ने बड़े पैमाने पर हमला कर तनाव बढ़ाया है

हैगारी ने कहा, ‘‘ईरान ने बड़े पैमाने पर हमला किया है और तनाव बढ़ाया है. यह पूछे जाने पर कि क्या इजराइल इस हमले का जवाब देगा, उन्होंने कहा इजराइल की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक है, सेना वह करेगी. सीरिया में एक अप्रैल को हवाई हमले में ईरानी वाणिज्य दूतावास में दो ईरानी जनरल के मारे जाने के बाद ईरान ने बदला लेने का प्रण किया था. ईरान ने इस हमले के पीछे इजराइल का हाथ होने का आरोप लगाया था. हालांकि इजराइल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी. यह पहली बार है जब ईरान ने देश की 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद शुरू हुई दशकों की दुश्मनी के बाद इजराइल पर सीधे तौर पर हमला किया है. [wpse_comments_template]

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