LagatarDesk : हिंदी पंचांग के अनुसार, वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को किया जाता है. हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है. इस दिन सुहागिन अपने अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं. सुहागिन व्रत करके अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. साथ ही सुखमय वैवाहिक जीवन की मनोकामना करती हैं.
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/06/Vat-Savitri-Vrat-Katha-300x169.png"
alt="" width="300" height="169" /> वट सावित्री व्रत 10 जून दिन गुरुवार को रखा जायेगा. अमावस्या 09 जून को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से ही शुरू हो रहा है. यह 10 जून को शाम 04 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. सुहागीन व्रत का पारण 11 जून को करेंगी.
सावित्री ने वट के नीचे ही पति को किया था दोबारा जीवित
ऐसी मान्यता है कि वट वृक्ष के नीचे ही सावित्री ने अपने पति सत्यवान को दोबारा जीवित कर लिया था. हिंदू पंचांग के अनुसार, वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को रखा जाता है. इस साल वट सावित्री व्रत 10 जून दिन गुरुवार को है.व्रत में सुहागिन वट वृक्ष की करती हैं पूजा
ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को सुहागीन अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए वट सावित्री व्रत रखती हैं. इस दिन वट यानी बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है. महिलाएं वट को कलावा बांधते हुए वृक्ष की परिक्रमा करती हैं.वट सावित्री व्रत शुभ मुहूर्त
alt="" width="300" height="169" /> वट सावित्री व्रत 10 जून दिन गुरुवार को रखा जायेगा. अमावस्या 09 जून को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से ही शुरू हो रहा है. यह 10 जून को शाम 04 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. सुहागीन व्रत का पारण 11 जून को करेंगी.
Leave a Comment