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भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का निधन, पीएम मोदी समेत कई ने जताया दुख

LagatarDesk :  भारतीय सिनेमा से बड़ी खबर सामने आ रही है.  दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने शुक्रवार को मुंबई के कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली. जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे.

देशभक्ति के लिए जाना जाता हैं भारत कुमार

मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ के नाम से भी जाना जाता है. वे अभिनेता के साथ-साथ फिल्म निदेशक भी थे. उन खासतौर पर उनकी देशभक्ति के लिए जाना जाता थे, क्योंकि उन्होंने "क्रांति" और "उपकार" सहित कई देशभक्ति फिल्में की हैं. मनोज कुमार के निधन से बॉलीवुड के साथ-साथ देशभर में शोक की लहर है.

शनिवार को होगा अंतिम संस्कार

मनोज कुमार के बेटे कुणाल गोस्वामी ने बताया कि पिता जी का अंतिम संस्कार शनिवार (5 अप्रैल) को दोपहर 12 बजे मुंबई के विले पार्ले में किया जायेगा. अभी उनका पार्थिव शरीर कोकिलाबेन अस्पताल में रखा जायेगा और बाद में जुहू स्थित घर ले जाया जायेगा.

पीएम मोदी ने जताया दुख

मनोज कुमार के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी, फिल्ममेकर अशोक पंडित सहित कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है. पीएम ने लिखा कि महान अभिनेता और फिल्ममेकर मनोज कुमार के निधन से गहरा दुख हुआ. वो भारतीय सिनेमा के आइकन थे, जिन्हें खासतौर पर उनके देशभक्ति के जोश के लिए याद किया जाएगा. उनके कामों ने राष्ट्रीय गौरव की भावना को बढ़ाया है. वो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं. ऊं शांति. https://twitter.com/narendramodi/status/1907987237545128035

फिल्ममेकर अशोक पंडित ने लिखा कि मनोज कुमार, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड विनर, हमारे इंस्पिरेशन और इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के शेर थे. वो अब हमारे बीच नहीं रहे. ये हमारी पूरी इंडस्ट्री के लिए बड़ा नुकसान है. हम उन्हें हमेशा याद रखेंगे.

मनोज कुमार का फिल्मी सफर

मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को पाकिस्तान में हुआ था. उनका असली नाम हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी था. उन्होंने 1957 में फिल्म "फैशन" से अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन 1965 में आई "शहीद" ने उनके करियर को नया मोड़ दिया. मनोज कुमार की देशभक्ति फिल्मों और गानों ने उन्हें सिनेमा के पटल पर विशेष पहचान दिलाई. इसके लिए लिए मनोज कुमार को 1992 में पद्मश्री और 2015 में दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था. मनोज कुमार ने देशभक्ति पर बनी कई फिल्मों में एक्टिंग के साथ-साथ उन्हें डायरेक्ट भी किया था, जिनमें “शहीद” (1965), “उपकार” (1967), “पूरब और पश्चिम” (1970), और “रोटी कपड़ा और मकान” (1974) शामिल हैं. देशभक्ति फिल्मों के अलावा, उन्होंने “हरियाली और रास्ता”, “वो कौन थी”, “हिमालय की गोद में”, “दो बदन”, “पत्थर के सनम”, “नील कमल” और “क्रांति” जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में भी एक्टिंग की और उन्हें डायरेक्ट भी किया.  

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