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विभावि को बार्क से मिल सकता है अनुसंधान योजनाओं में सहयोग : डॉ मुकुल नारायण देव

 
-टीम के सदस्यों ने ध्रुवा नाभिकीय संयंत्र का किया भ्रमण, गामा विकिरण तकनीक से फसलों को कीट से बचाने, अधिक उत्पादन और लंबे समय तक अनाज को संरक्षित करने के सीखे गुर Hazaribag : विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग को भविष्य में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) ट्रॉम्बे से अनुसंधान योजनाओं में सहयोग मिलेगा. यह जानकारी देते हुए विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ प्रो. मुकुल नारायण देव ने बताया कि वे यहां के तीन शिक्षकों के साथ छह-सात अक्तूबर को बार्क की प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया. साथ ही अनुसंधान केंद्रों का जायजा लिया. उनके साथ गए शिक्षकों पीजी रसायन विभाग के डॉ कौशलेंद्र कुमार व डॉ इंद्रजीत कुमार और भौतिकी के डॉ नवीन चंद्र ने कुलपति के साथ बार्क के डायरेक्टर डॉ एके मोहंती से मुलाकात की. इसे भी पढ़ें–जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-due-to-western-disturbance-there-will-be-three-days-of-rain-in-jharkhand-including-kolhan/">जमशेदपुर

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नये अनुसंधान की जानकारी ली

उन्हें विनोबा भावे विश्वविद्यालय की गतिविधियों से अवगत कराया. कुलपति और तीनों शिक्षकों ने करीब डेढ़ घंटे तक उनसे बातचीत कर विनाबा भावे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों खासकर अनुसंधान योजनाओं की जानकारी देते हुए इसके लिए उनसे सहयोग मांगा. निदेशक ने सहयोग का आश्वासन दिया. फिर विभावि की टीम ने बार्क की प्रयोगशालाओं के प्रमुख डॉ एके त्यागी, डॉ एके बाउरी, डॉ एसएम यूसुफ, डॉ डीके अस्वाल, डॉ घंटी, डॉ उडुप्पा, डॉ हिमाल भट्ट, डॉ आरपी टोकस आदि से मुलाकात कर उनकी प्रयोगशालाओं में चल रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी ली. इसे भी पढ़ें–गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-on-october-12-cm-hemant-soren-will-inaugurate-and-lay-the-foundation-stone-of-schemes-worth-crores-of-rupees/">गिरिडीह

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बार्क के रिटायर्ड सीनियर साइंटिस्ट हैं डॉ मुकुल नारायण देव

दूसरे दिन टीम के सदस्यों ने ध्रुवा नाभिकीय संयंत्र का भ्रमण किया और वहां चल रहे अनुसंधान व गतिविधियों से अवगत हुए. फिर गामा विकिरण तकनीक से फसलों के कीट प्रतिरोधी और अधिक उत्पादन देनेवाले म्युटेंट वेराइटी के विकास एवं खाद्य-संरक्षण के बारे में जाना. इस तकनीक से खाद्यान्नों को कम लागत पर सुरक्षित तरीके से लंबी अवधि तक संरक्षित कर देश की खाद्यान्न समस्या से प्रभावी तरीके से निबटने के बारे में जानकारी ली. गौरतलब है कि विभावि के कुलपति डॉ मुकुल नारायण देव बार्क से रिटायर्ड सीनियर साइंटिस्ट रहे हैं और वहां उनकी लोकप्रियता व गहरी पैठ साफ दिखाई दे रही थी. कुलपति ने उम्मीद जताई कि बार्क की मदद से विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्य में गुणात्मक सुधार होगा. [wpse_comments_template]
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