कुलपति से Lagatar.in के संवाददाता ने की बातचीत
सवाल : आपकी नियुक्ति कोविड-19 काल के बाद हुई है. आपको किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है? डॉ. अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि ये सच है कि मेरी नियुक्ति कोविड के बाद हुई है और यह चुनौती भरा है. मैं छात्रों के लिए हूं. हर काम छात्र हित में करूंगा. विश्वविद्यालय की स्थितियों के अनूकुल काम करूंगा. नई शिक्षा नीति 2020 की शुरुआत करूंगा, इसके साथ ही मैं शिक्षा के वर्तमान तरीके के संदर्भ में परिवर्तनकारी कदम उठाऊंगा. सवाल :- झारखंड आदिवासी बहुल राज्य है. इसके लिए आप क्या कदम उठाएंगे जवाब : झारखंड भारत का एक आकांक्षी राज्य है. हमारे पास छोटे पैमाने के मजदूर हैं, जो काम के लिए मुंबई, दिल्ली, कोलकाता जैसे राज्यों में जाते हैं. उनको बहुत पैसे भी नहीं मिलते. मेरा मानना है कि अगर किसी प्रशिक्षण के माध्यम से स्वरोजगार करने का अवसर दिया जाता है, तो थोड़े पैसों के लिए वो अपने घर नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने आगे अपनी योजनाओं और अनुभव के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के लिए काम करते हुए मैंने लगभग 3000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है. मैं यह भी समझता हूं कि केंद्र कौशल भारत जैसे कई अवसर प्रदान करता है, जो लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करता है. सवाल: विश्वविद्यालय में वाई फाई को लेकर आप क्या कर रहे हैं? जवाब : पूरे विश्वविद्यालय कैंपस में वाई फाई के लिए योजना बना लिया गया है. बहुत जल्द इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा. सवाल: रांची विश्वविद्यालय के कैंपस में महिला छात्रावास नहीं है, क्या इसे आप बनवाएंगे? जवाब : मोरहाबादी वाले कैंपस में महिला छात्रवास बनाना संभव नहीं लग रहा है. अगर प्रशासनिक भवन वाले कैंपस में बन सकता है, तो मैं बनवाने की कोशिश करूंगा. इसे भी पढ़ें – NDA">https://lagatar.in/ndas-presidential-candidate-draupadi-murmu-reaches-from-bhubaneswar-to-delhi-will-file-nomination-tomorrow-daughter-itishree-said-it-looks-unbelievable/">NDAकी राष्ट्रपति प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू भुवनेश्वर से दिल्ली पहुंची, कल करेंगी नामांकन, बेटी इतिश्री ने कहा, यह अविश्वसनीय लग रहा है [wpse_comments_template]

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