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शराब नहीं पीने की लिखित शपथ पर पीड़ित परिजन को मिलेगा 4 लाख मुआवजा : नीतीश कुमार

Patna : मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. अब तक 34 लोगों ने जान गंवाई है. कई लोग अब भी बीमार हैं. इस मामले को लेकर जिले के पुलिस अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. पांच थानाध्यक्षों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. वहीं, पुलिस इस मामले की जांच में अभी भी जुटी हुई है. सोमवार को बताया कि पिछले 10 घंटों में चार और लोगों की मौत हुई है. इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी पीड़ित परिवारों को शर्त के साथ 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. उन्होंने घटना बेहद दुखद बताते हुए कहा कि हम लोगों ने निर्णय लिया है कि जितने भी मृतक हैं उनके परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4- 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए. उन्होंने साफ किया कि ये राहत सिर्फ मोतिहारी ही नहीं, बल्कि इससे पहले जितने भी लोगों जहरीली शराब पीने से मौत हुई है, उन सभी के परिवारों दिया जाएगा. शर्त यह रहेगी कि परिजन को लिखकर देना होगा कि बिहार सरकार की शराबबंदी की नीति बहुत अच्छी है. इसका हम सभी दिल से समर्थन करते हैं. इसके साथ ही यह भी शपथ लेनी होगी कि भविष्य में परिवार का कोई भी शख्स शराब नहीं पीएगा. ऐसा करने वालों को ही चार लाख रुपये की राहत दी जाएगी.

मुआवजा के लिए लगाई ये शर्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ितों को चार लाख रुपये तो दिए जाएंगे, लेकिन उनके परिजनों को डीएम के यहां यह लिखित में देना होगा कि मरने वाले व्यक्ति ने शराब पी थी, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई थी. इसके साथ ही परिवार वालों को शराब कहां से ली थी, उसका नाम और पता भी देना होगा. साथ ही साथ यह भी लिखकर देना होगा कि बिहार सरकार की शराबबंदी की नीति बहुत अच्छी है. इसका हम सभी दिल से समर्थन करते हैं. इसके साथ ही यह भी शपथ लेनी होगी कि भविष्य में परिवार का कोई भी शख्स शराब नहीं पीएगा. ऐसा करने वालों को ही चार लाख रुपये की राहत दी जाएगी.

2016 से अब तक हुई मौत मामले में मिलेगा मुआवजा

नीतीश कुमार ने कहा कि लोगों ने शराब पीकर गलत किया है. गलत चीज पीने से उनकी मौत हुई. सीएम ने कहा कि मुआवजा उन परिवारों को दिया जाएगा, जिनके घर के सदस्यों की मौत 2016 से अब तक हुई है. मुआवजा लेने के लिए पीड़ित परिवार को यह लिखकर देना होगा कि शराब खराब चीज है. उनके घर के सदस्य ने शराब पीकर गलत काम किया. वह शराबबंदी के पक्ष में हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में 1 अप्रैल 2016 से हमने शराबबंदी की है. शराब खराब चीज है. लोग शराब नहीं पिएं यह बताने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसके बाद बहुत लोगों ने शराब पीना छोड़ दिया. लेकिन पिछले कुछ दिनों में बिहार में शराब को लेकर कुछ घटनाए घटी है. 2022 और 2021 में भी कुछ घटनाएं घटी है. ये बहुत दुखद है.
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