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असम की चाय बागानों में दबा है पीढ़ियों का सच, आदिवासियों के साथ हुआ राष्ट्रीय स्तर का अन्याय: हेमंत सोरेन

Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों असम के चुनाव को लेकर काफी सक्रिय है. वे असम के चाय बागान में कार्य करने वाले मजदूरों और निचले वर्ग के लोगो की आवाज बनकर माँ कामाख्या की धरती पर सिंह गर्जना कर रहे . बता दे इसी बाबत रविवार को एक्स पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री ने कहा -कि असम की धरती पर एक ऐसा सच दबा दिया गया है, जिसे जितना कहा जाए, सबको बताया जाए, उतना कम है. असम के चाय बागानों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी समाज को आज तक एसटी का संवैधानिक दर्जा नहीं मिला। यह सामान्य चूक नहीं है, यह राष्ट्रीय स्तर का अन्याय है. एक ऐसा अन्याय, जिसे इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा.
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