Search

पहले दुनिया नहीं समझती थी कि आदिवासी प्रकृति की पूजा क्यों करते हैं- बाल मुकुंद नायक || livelagatar

श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में करमा पर्व के आयोजन के दौरान पद्मश्री मुकुल नायक ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने करमा पर्व को प्रकृति पूजा और पूर्वजों की परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताया। मुकुल नायक ने कहा कि झारखंड में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं की तरह संगीत को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विचार होना चाहिए, क्योंकि लोक संगीत के क्षरण की चिंता है। उन्होंने कहा कि झारखंड की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान को बचाने के लिए विश्वविद्यालय, कॉलेज, स्कूल और गांवों में अखाड़ा को पुनर्जीवित करना होगा।
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही