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मौ'त के बाद इंसाफ–सुप्रीम कोर्ट ने TTE को किया निर्दोष घोषित!

सुप्रीम कोर्ट ने 37 साल बाद एक रेलवे TTE को रिश्वतखोरी के आरोपों से बरी कर दिया.31 मई 1988 को दादर-नागपुर एक्सप्रेस में हुई एक विजिलेंस जांच में TTE वी.एम. सौदागर पर तीन यात्रियों से ₹50 रिश्वत लेने और ₹1254 अतिरिक्त नकदी रखने के आरोप लगे थे। जांच के बाद उन्हें 1996 में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। लेकिन अब, सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा — आरोप निर्णायक रूप से साबित नहीं हुए। कोर्ट ने रेलवे की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। 37 साल बाद अदालत ने TTE के परिवार को न्याय दिया और सभी पेंशन लाभ देने का आदेश भी जारी किया। यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन सभी सरकारी कर्मचारियों की है जो सालों तक सिस्टम से न्याय की उम्मीद करते हैं।
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