अब फर्जी GST बिल बनाने वालों की मौज, ED नहीं करेगी कार्रवाई
देश में अब फर्जी GST बिल बनाने वालों की मौज होगी. क्योंकि इनके खिलाफ अब ना तो IPC (BNS) की धाराओं के तहत थाने में प्राथमिकी दर्ज होगी और ना ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) PMLA के तहत जांच करेगी. जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में फर्जी GST बिल से सरकार को 58,772 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. अब फर्जी GST बिल बनाने वालों के खिलाफ थाना में IPC ( BNS) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने या ED द्वारा मामले की जांच के लिए Principal DG (DGGI) से अनुमति लेनी पड़ेगी. इससे संबंधित आदेश डॉक्टर मनदीप कुमार बातिश (Additional Director) के हस्ताक्षर से जारी कर दिया गया है.
