जहाँ जंगल होना चाहिए था, वहाँ माफिया है! कोडरमा माइनिंग एक्सपोज़/ livelagatar news
झारखंड के वन विभाग में चर्चित रेंजर राम बाबू एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में हैं.इस बार उनकी चर्चा कोडरमा वन्य प्राणी आश्रयणी में हो रहे अवैध उत्खनन को लेकर हो रही है, जहाँ नियमों को ताक पर रखकर अभ्रक और क्वार्ट्ज जैसे खनिजों का काला कारोबार धड़ल्ले से जारी है.इस संवेदनशील मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महालेखाकार (CAG) ने अपनी रिपोर्ट में कोडरमा वन क्षेत्र से होने वाली इस अवैध तस्करी पर कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे विधानसभा पटल पर भी रखा जा चुका है.
