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विकसित संकल्प यात्रा रथ पहुंची योगियाटिल्हा समेत कोडरमा की दो खबरें

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  • एलईडी स्क्रीन के माध्यम से केंद्र की योजनाओं की दी जानकारी
  • स्वास्थ्य शिविर लगा कर लोगों की हुई नि:शुल्क जांच
  • कई ग्रामीण लाभुकों का बनाया गया आयुष्मान कार्ड
Jaynagar (Koderma) : विकसित भारत संकल्प यात्रा रथ गुरुवार को प्रखंड के योगियाटिल्हा पंचायत भवन परिसर पहुंची. संकल्प यात्रा का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने और उसका लाभ आम जनता तक सुनिश्चित करना है. इस दौरान कार्यक्रम आयोजित कर रथ में लगे एलईडी स्क्रीन के माध्यम से केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष इस्लाम अंसारी एवं स्थानीय मुखिया इरफान अंसारी ने किया. इस दौरान ग्रामीणों को आयुष्मान भारत योजना, पीएम किसान निधि योजना, पीएम आवास योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम जन धन योजना, पीएम उज्जवला योजना, पीएम गरीब कल्याण योजना अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई. लोगों ने रथ में लगे एलईडी के जरिए प्रधानमंत्री के वर्चुअल भाषण को भी सुना. कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की नि:शुल्क जांच कर दवाइयां भी दी गई. साथ ही कई लाभुकों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया. अंत में सभी लोगों ने विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया. मौके पर उप मुखिया रहीम अली, जाबिर अंसारी समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे.

कैलाश सत्यार्थी के जन्मदिन पर मना सुरक्षित बचपन दिवस

जिले के बाल मित्र गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ पेंटिंग, क्वीज एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

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alt="" width="600" height="400" /> कोडरमा : जिला अंतर्गत कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन द्वारा संचालित बाल मित्र ग्रामों में गुरुवार को नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के जन्मदिन को सुरक्षित बचपन दिवस के रूप में बच्चों ने बड़े ही धूमधाम से मनाया. इस दौरान बाल मित्र ग्राम पहरीडीह, अंबाकोला, हथपिंडवां, बसधरवा, लहरियांटांड़, रतनपुर, मधुवन, रतिथमबाइ सहित अन्य बाल मित्र ग्रामों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कैलाश सत्यार्थी का जन्म मध्य प्रदेश के विदिशा में 11 जनवरी 1954 ई को हुआ था. दुनिया भर के उपेक्षित, दबे कुचले एवं हासिये पर रखे गए बच्चों के अधिकार सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से उन्होंने 1980 में बचपन बचाओ आंदोलन की स्थापना की थी. सत्यार्थी के प्रयासों का ही नतीजा रहा कि लाखों बच्चों को बाल श्रम एवं बाल व्यापार से छुड़ाया गया. विश्व भर के उपेक्षित एवं शोषित बच्चों के हक व अधिकार के लिए आवाज उठाने और दबे कुचले बच्चों के अधिकार सुनिश्चित कराने के लिए उन्हें वर्ष 2014 में शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया. बचपन को सुरक्षित बनाने के लिए किए गए प्रयासों के कारण दुनियाभर के बच्चे उनके जन्मदिन को सुरक्षित बचपन दिवस के रूप में मनाते हैं. इसे भी पढ़ें : सतर्क">https://lagatar.in/latehar-police-was-alert-otherwise-many-contractors-and-businessmen-would-have-become-targets-of-aman-sahu-gang/">सतर्क

थी लातेहार पुलिस, नहीं तो कई ठेकेदार और कारोबारी बन जाते अमन साहू गिरोह का निशाना
सुरक्षित बचपन दिवस के अवसर पर बाल मित्र ग्रामों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, पेंटिंग, क्वीज एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. दर्जनों बाल मित्र ग्रामों में जनसंवाद का आयोजन कर जिले से बाल मजदूरी, बाल व्यापार एवं बाल यौन हिंसा की रोकथाम एवं सभी बच्चों की शिक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने व बाल मित्र कोडरमा बनाने पर परिचर्चा आयोजित की गई. बच्चों ने पेंटिंग एवं शॉर्ट वीडियो के माध्यम से कैलाश सत्यार्थी को जन्मदिन एवं सुरक्षित बचपन दिवस की शुभकामनाएं दी. कार्यक्रमों को सफल बनाने में बाल मित्र ग्राम के बच्चे व ग्रामीण एवं कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. [wpse_comments_template]

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