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गांवा: स्कूल का चापाकल खराब, बच्चे कहां कहां भटके जनाब

Guanwa (Giridih): सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व बच्चों का ठहराव सुनिश्चित करने के लिए सरकार तरह-तरह की योजनाएं चला रही है. मगर कुछ व्यवस्थागत खामियों के कारण वह फलीभूत नहीं हो रही है. जिसका उदाहरण है गावां प्रखंड के बादीडीह पंचायत के उत्क्रमित उच्च विद्यालय हिन्दी से जुड़ा है. जहां कई महीनों से चापाकल खराब होने के कारण इस आग उगलती गर्मी में भी बच्चों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. विद्यालय में दो चापाकल हैं परंतु दोनों खराब है. बच्चों को वन विभाग के कुंआ का पानी पीने को मजबूर हैं. वह भी सूखने के कगार पर है. जिससे एमडीएम का कार्य भी प्रभावित हो जाएगा. स्कूल के बाहर सोलर जलमीनार भी है जो वर्षो से खराब पड़ा है. पंसस अशोक कुमार ने बताया कि प्रखंड़ स्तरीय बैठक में मामला उठाया था. एक माह से अधिक हो गया है पर अभी तक उसे दिखाया भी नहीं गया है.एसएमसी अध्यक्ष महेंद्र यादव ने बताया कि स्कूल के दोनों चापाकल खराब पड़ा हुआ है वन विभाग का एक कुंआ है उसी से मध्यान्ह भोजन बन रहा है जो कभी भी सुख सकता है. अनेक बार लिखित शिकायत की है लेकिन कोई असर नहीं हुआ है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=612839&action=edit">यह

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