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सिमडेगा: घनी आबादी के बीच बने कचरा डंपिंग यार्ड से ग्रामीण नाराज

Simdega: शहरी क्षेत्र के गुलजार गली बाजार टोली रोड में घनी आबादी के बीच बनाए गए कचरा डंपिंग यार्ड को लेकर आक्रोशित हैं. ग्रामीणोम ने इसे हटाने की मांग की है. इसे लेकर ग्रामीणों ने बाजार टोली में बैठक की. बैठक कर ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन द्वारा तत्काल कचरा डंपिंग यार्ड को हटाने की कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे लोग सड़क पर उतर कर आंदोलन करने को बाध्या हो जायेंगे. मांगों से संबंधित आवेदन भी जिले के उपायुक्त, एसडीओ, नगर परिषद एवं स्थानीय विधायक को सौंपकर तत्काल कचरा डंपिंग यार्ड को घनी आबादी के बीच से हटाने की मांग की गयी है. विरोध के बाद भी यार्ड को नहीं हटाने से लोग गुस्से में शरीर क्षेत्र में घनी आबादी के बीच कचरा डंपिंग यार्ड बनाए जाने का लोगों ने कई बार विरोध किया है. इसके बावजूद प्रशासन के के द्वारा इसे हटाने की दिशा में कार्रवाई नहीं की जा रही है. घनी आबादी में डंपिंग यार्ड बनाए जाने से लोगो को सांस की बीमारी हो रही है.

कचरा डंपिंग यार्ड के बगल में इंडोर स्टेडियम है

कचरा डंपिंग यार्ड के बगल में इंडोर स्टेडियम है. जहां अहले सुबह से लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए युवा छात्र शारीरिक परीक्षा की तैयारी के लिए सुबह शाम ग्राउंड में आते हैं.वही इंडोर स्टेडियम में जिला के वरीय पदाधिकारी भी बैडमिंटन खेलने व विभिन्न खेलों छात्रों को अन्य खेल की तैयारी कराई जाती है. इसी परिसर में जिला खेल पदाधिकारी का कार्यालय जहां कार्यालय अवधि में खिलाड़ियों व कार्यालय से जुड़े गणमानियों का आना-जाना लगा रहता है. लोगो को इस दौरान दुर्गंधयुक्त हवा व कचरे के अंबार पहाड़ को देखकर आना जाना पड़ता है. कचरा डंपिंग यार्ड के पास ही आंगनबाड़ी केंद्र है. जहां गुलजार गली, बाजार टोली व साहू मुहल्ला के छोटे छोटे बच्चे पढ़ने के लिये आते है. आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे भोजन भी करते हैं. ग्रामीणों ने कहा कि यार्ड के र्दूंगध से बच्चे बीमार व संक्रमण का प्रभाव बच्चों पर प्रतिकुल असर पड़ रहा है.

कचरा डंपिंग यार्ड स्थल पर सप्ताह में दो दिन हाट लगता है

कचरा डंपिंग यार्ड स्थल पर ही सप्ताह में दो दिन साप्ताहिक हाट लगता है. कचरा याड मेंअब तक तीन बार आगजनी की घटना हो चुकी है. जिसमें दो-दो पेड़ों के जलने का निशान खड़ा है. इस रास्ते से सोमवार और गुरुवार को बाजार में हजारो की संख्या में लोगों का आवागमन होता है. डंपिंग यार्ड के चारों ओर प्लास्टीक पाल लगाकर सैंकड़ों दूकानें लगती हैं. अगर बाजार के दिन आगजनी की घटना हुई तो बड़े पैमाने पर जानमाल की क्षति से इंकार नहीं किया जा सकता. आसपास के लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द कचरा डंपिंग यार्ड को घनी आबादी क्षेत्र से हटाने की मांग की है. प्रशासन के अनसुनी व अनदेखा करने पर बाजार बंद व अन्य विरोध के तरीके अपना कर प्रशासन का ध्यान इस ओर करने का प्रयास करेंगे. नगर प्रशासक समीर बोदरा ने कहा कि कचरा यार्ड से धीरे-धीरे कचरा को हटाने की कार्रवाई की जा रही है. केला घाट व कश्ती का पॉइंट में भी विरोध होने के कारण यहां कचरा का अंबर लगा है. इसे भी पढ़ें - धक्का-मुक्की">https://lagatar.in/politics-heated-up-over-the-pushing-incident-bjp-woman-mp-said-i-felt-uncomfortable/">धक्का-मुक्की

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