Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

चाईबासा वन प्रमंडल के हाथियों से प्रभावित गांवों को जोड़ा गया व्हाटसएप ग्रुप से

Advertisement
Advertisement
Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिला के सभी वन प्रमंडलों में चाईबासा वन प्रमंडल में हाथियों के आवागमन से अत्यधिक प्रभावित है. वन प्रमंडल के अधिकांश क्षेत्र ओडिशा के सीमावर्ती होने के कारण यहां हमेशा हाथियों का आवागमन होता रहता है. इससे घटनाएं भी होती रहती हैं. इसलिये इस प्रमंडल के 20 से अधिक गांव में वन समिति भी गठित की गई है, जो हाथियों के आने पर उन्हें भगाने का प्रयास और वन विभाग को सूचित करती है, ताकि विभाग द्वारा पहल कर उन्हें सुरक्षित रास्ता दिया जा सके. इसे भी पढ़ें : गुवा">https://lagatar.in/gua-a-man-hanged-himself-in-the-courtyard-of-the-house-next-to-the-forest-department-office/">गुवा

: वन विभाग कार्यालय के बगल में घर के आंगन में एक व्यक्ति ने फांसी लगा की आत्महत्या

इन गांवों को जोड़ा गया है व्हाटसएप ग्रुप से

चाईबासा वन प्रमंडल में हाथियों से प्रभावित लगभग 20 से अधिक गांव हैं. इन सभी गांवों में युवाओं को लेकर वन समिति का गठन किया गया है. अब इन वन समितियों के युवाओं को व्हाटसएप ग्रुप बना कर उससे जोड़ा गया है. इस ग्रुप का उद्देश्य यह है कि हाथी यदि प्रभावित किसी भी गांव में आते हैं तो ग्रुप में उस गांव के समिति द्वारा जानकारी दे दी जाती है कि हाथी आया है और उसका मूवमेंट किस गांव के ओर है. इस संदेश से अगले गांव की वन समिति भी अलर्ट हो जाएगी. इसके साथ ही इस व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े वन विभाग के अधिकारी को भी हाथियों के मूवमेंट की जानकारी मिल जायेगी. इस जानकारी के बाद विभाग के लोग समितियों के माध्यम से हाथियों को रास्ता दिखाने का काम करेंगे. इसे भी पढ़ें : आर्मी">https://lagatar.in/cid-arrested-cyber-criminal-who-took-money-from-army-officers-account/">आर्मी

अधिकारी के खाते से पैसे उड़ाने वाले साइबर अपराधी को सीआईडी ने किया गिरफ्तार
इससे हाथी बिना कोई नुकसान किये अपने रास्ते में आगे बढ़ जायेंगे. चाईबासा वन प्रमंडल के अधिकारी सत्यम कुमार ने बताया कि इस पर काम किया गया है. समितियों को इसके लिये प्रशिक्षण भी दिया गया है. चूंकि यह प्रमंडल ओडिशा के जंगलो से सटा हुआ है इसलिये कभी भी हाथी यहां प्रवेश कर सकते हैं, इसलिये सभी समितियों को व्हाटसएप से जोड़ा गया है, ताकि किसी भी प्रकार हाथियों से संबंधित जानकारी को तुरंत शेयर किया जाए और किसी भी घटना को रोका जाए. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही