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झारखंड में बीते 9 दिनों में 4 बार हुई दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प

 
Ranchi : झारखंड में रामनवमी त्योहार के बाद से दो समुदाय के बीच हिंसक झड़प होने की घटनाएं रुक-रुक कर हो ही रही हैं. बीते 9 दिनों की बात की जाए तो राज्य के अलग-अलग जिलों में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प की चार घटनाएं हो चुकी हैं. इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के द्वारा इंटरनेट सेवा को भी बंद करना पड़ा. जानें कहां-कहां हुई दो समुदायों के बीच झड़प. इसे भी पढ़ें - कोरोना">https://lagatar.in/social-distancing-flouted-at-registration-counter-in-health-department-sadar-hospital-on-corona-alert/">कोरोना

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रामनवमी जुलूस पर पथराव

जमशेदपुर के हल्दीपोखर में 31 मार्च को रामनवमी झंडा विसर्जन जुलूस के दौरान जमकर बवाल हुआ. विजय बजरंग अखाड़ा का जुलूस जैसे ही हल्दीपोखर चौक पर पहुंचा. उसी दौरान एक समुदाय विशेष की ओर से पत्थरबाजी शुरु कर दी गई. इस दौरान भगदड़ में अखाड़ा का झंडा टूट गया. जिससे कमिटी के लोग उग्र हो गए और दोनों ओर से तनातनी बढ़ गई. एक समुदाय विशेष की ओर से की गई पत्थरबाजी में पोटका के अंचलाधिकारी इम्तियाज अहमद, हल्दीपोखर की मुखिया देवी कुमारी भूमिज समेत चार-पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद गुस्साए लोगों ने नारेबाजी शुरु कर दी थी.

प्रतिमा विसर्जन के लिए जाते वक्त दो समुदायों में हिंसक झड़प

साहिबगंज शहरी क्षेत्र में बड़ी दुर्गा स्थान के पास कुली पाड़ा में बीते एक अप्रैल की देर शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जाते वक्त दो समुदायों में हिंसक झड़प हुई. इस दौरान झड़प में एसडीपीओ राजेंद्र दुबे समेत तीन पुलिस जवान पत्थर से घायल हो गए. इसके अलावा घायल होने वालों में तीन आम लोग भी शामिल हैं. पुलिस समेत कुल घायलों की संख्या 6 थी. बताया जाता है कि प्रतिमा लेकर जाते समय दूसरे समुदाय के लोगों ने घर की छत से पत्थरबाजी की. देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया. नगर थाना पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया था.

बजरंग बली की प्रतिमा खंडित होने के बाद तनाव

साहिबगंज में कुछ असामाजिक तत्वों ने बजरंगबली की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया था. इसके बाद साहिबगंज में हिंसा भड़क उठी. लोगों ने एनएच-80 को तीन घंटे तक जाम कर दिया. शहर में जमकर पथराव किया. एक धार्मिक स्थल को जलाने की कोशिश की गयी, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया था. भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया था. डीसी-एसपी ने खुद फ्लैग मार्च किया. दिन में करीब सवा एक बजे उपायुक्त के निर्देश पर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी थी.

झंडे से छेड़छाड़ के बाद दो गुटों में विवाद

जमशेदपुर के कदमा में बीते आठ अप्रैल को झंडे से छेड़छाड़ के बाद नौ अप्रैल को दो गुटों में झड़प हो गयी थी. इस दौरान उपद्रवियों ने पथराव, आगजनी और हवाई फायरिंग की थी. उपद्रवियों ने रूक-रूक कर पुलिस पर भी पथराव किया था. इस घटना में डीएसपी कमल किशोर समेत करीब 12 जवान घायल हो गये थे. माहौल बिगाड़ने के बाद प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गयी. मामले को नियंत्रण में करने के बाद जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवा को बंद करने का फैसला लिया. इसे भी पढ़ें - कोलकाता">https://lagatar.in/tragic-road-accident-in-kolkata-four-killed/">कोलकाता

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