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वीरेंद्र राम ने मेसर्स राजेश कंस्ट्रक्शन को दिलाए 22 टेंडर, 4.50 करोड़ मिले

Vinit Upadhyay Ranchi: टेंडर मैनेज करने के लिए कमीशन लेने के केस में आरोपी निलंबित पूर्व अभियंता प्रमुख वीरेंद्र राम ने कंस्ट्रक्शन कंपनी मेसर्स राजेश कंस्ट्रक्शन को 22 टेंडर लेने में मदद की. इसके लिए वीरेंद्र राम को मोटी रकम मिली है. ED ने जब छापेमारी की थी उस दौरान रांची और दिल्ली में वीरेंद्र राम के ठिकानों पर जो लग्जरी गाड़ियां मिली थी वह भी मेसर्स राजेश कस्ट्रक्शन के नाम पर रजिस्टर्ड हैं. इसके साथ ही महेंद्र गोप को भी टेंडर दिलाने में वीरेंद्र राम ने सहयोग किया. जिसके लिए उसे 4.50 करोड़ रुपए मिले. अब तक की पूछताछ और जांच में वीरेंद्र राम और अलोक रंजन ने यह तो कबूला है कि टेंडर देने के लिए वह ठेकेदारों से कमीशन लेते थे. लेकिन इस पूरे प्रकरण में किसी अन्य व्यक्ति का नाम अब तक सामने नहीं आया है. रांची">https://lagatar.in/category/jharkhand/south-chotanagpur-division/ranchi/">रांची

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बता दें कि ED ने निलंबित पूर्व अभियंता वीरेंद्र राम और उसके रिश्तेदार अलोक रंजन के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कम्प्लेन दाखिल कर दी है. जिसपर संज्ञान लेते हुए PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) ने विरेंद्र राम की पत्नी राजकुमारी देवी और उसके पिता गेंदा राम को भी समन जारी किया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) टेंडर कमीशन घोटाले में गिरफ्तार ग्रामीण कार्य विभाग के निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम की 39.28 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क कर चुकी है. ये संपत्ति वीरेंद्र कुमार राम और उनके परिवार के सदस्यों के हैं. जिन संपत्तियों को ईडी ने जब्त किया है, उसमें फार्म हाउस, फ्लैट, डुप्लेक्स बंगला, दिल्ली, जमशेदपुर और रांची में जमीन और करीब 36 लाख रुपये के सामूहिक बैलेंस वाले तीन बैंक खाते शामिल हैं. इसे पढ़ें- 13वीं">https://lagatar.in/13th-sub-junior-national-womens-hockey-championship-jharkhands-18-member-team-announced/">13वीं

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वीरेंद्र राम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 125 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है. इसका खुलासा वीरेंद्र राम के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान हुआ था. छापेमारी में पता चला था कि उसने टेंडर कमीशन घोटाले में अकूत संपत्ति बनायी है.

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच की शुरू

ईडी ने बताया कि एसीबी जमशेदपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. जांच में पता चला कि रांची में ग्रामीण कार्य विभाग में मुख्य अभियंता के पद पर तैनात वीरेंद्र कुमार राम ने ठेकेदारों को टेंडर आवंटित करने के एवज में उनसे कमीशन के नाम पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी. इस प्रकार अवैध आय का उपयोग वीरेंद्र कुमार राम और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा बहुत ही शानदार जीवन शैली जीने के लिए किया जाता था. इसे भी पढ़ें- जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-rain-started-in-the-city-with-strong-wind-appeal-to-people-to-be-careful-during-thunderstorm/">जमशेदपुर

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30 ठिकाने पर तलाशी ली गई थी

वीरेंद्र कुमार राम से संबंधित 30 परिसरों में तलाशी ली गई थी. इस दौरान विभिन्न आपत्तिजनक साक्ष्य पाए गए और जब्त किए गए. इसके अलावा, तलाशी कार्रवाई के दौरान 40 लाख रुपये की नकदी, 1.51 करोड़ रुपये के सात वाहन और आभूषण पाए गए. जिसके बाद इसे जब्त कर लिया गया, जो बाद में उसके द्वारा अर्जित अवैध आय का हिस्सा पाया गया. इसके बाद वीरेंद्र कुमार राम को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में दोषी पाए जाने के बाद बीते 23 फरवरी को ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया था, और वर्तमान में होटवार जेल, रांची में हैं. इस मामले में वीरेंद्र कुमार राम के रिश्तेदार आलोक रंजन को भी 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था. [wpse_comments_template]

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