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विस विशेष सत्र : ढुल्लू ने कहा- उनपर लगे आरोपों की CBI जांच करायें, आरोप सही होगा तो विधायक पद से दे देंगे इस्तीफा

  • स्टीफन मरांडी ने कहा, ईडी का दुरुपयोग कर लोकतंत्र पर प्रहार कर रही केंद्र सरकार
  • दीपिका पांडे ने निशिकांत पर सरकार गिराने की साजिश करने का लगाया आरोप, भाजपा विधायक वेल में आये
  • भावुक हुईं दीपिका पांडे, कहा-हेमंत सोरेन कुंदन की तरह तप कर बाहर निकलेंगे
  • मनीष जायसवाल से स्पीकर ने कहा- अपने दिमाग में जो लेकर आते हैं, उसे ही सदन में परोसने का काम करते
  • सुदीव्य सोनू ने कहा-हेमंत की गिरफ्तारी के बाद भाजपा के मुंह से लार टपक रहा था, सोचा सरकार बना लेंगे
  • इरफान अंसारी ने कहा, ऐसा लगता है कि बीजेपी ऑफिस से चल रहा राजभवन
  • अमर बाउरी ने कहा- सत्ता पक्ष के लोग राज्यपाल के मान सम्मान को तार-तार कर रहे
  • स्पीकर ने तीन बार असंवैधानिक शब्दों को स्पंज किया
Ranchi :  झारखंड विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र का आज मंगलवार को अंतिम दिन है. विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11.07 में शुरू हुई.  राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि केंद्र सरकार ईडी का दुरुपयोग कर लोकतंत्र पर प्रहार कर रही है. आज हमारी बारी है तो कल किसी और की बारी होगी. हेमंत सरकार के पास बहुमत था. सरकार बहुत बढ़िया चल रही थी. शिबू सोरेन और उनके परिवार के प्रति व्यक्तिगत द्वेष की भावना से हेमंत सरकार गिराई गयी है. इससे राज्य के आदिवासी जनमानस की भावना को ठेस पहुंचा है.

भावुक हुईं दीपिका पांडे, कहा-हेमंत सोरेन कुंदन की तरह तप कर बाहर निकलेंगे

दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि कल राज्यपाल जब सदन में अभिभाषण दे रहे थे, तब उनका आचरण सबने देखा. उनकी बॉडी लैंग्वेज से लग रहा था कि वे सरकार की उपलब्धियों से सहमत नहीं है. दीपिका पांडे ने कहा कि इनके सांसद निशिकांत दुबे पहले दिन से इस सरकार को गिराने की साजिश कर रहे. दीपिका के बयान पर सदन में हंगामा शुरू विपक्ष के सभी विधायक वेल में आये. दीपिका पांडे सिंह अपने भाषण के दौरान भावुक होकर कहा कि हेमंत सोरेन को साजिश करके जेल भेजा गया है, लेकिन जब वह बाहर निकाल कर आयेंगे, तब कुंदन की तरह तप कर निकलेंगे.

मनीष जायसवाल ने सदन में कहा-हमलोग विधायक नही हैं तो बोल दीजिये 

भाजपा विधायक मनीष जायसवाल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर संशोधन का प्रस्ताव दिया था. यह सदन में नहीं आने पर उन्होंने कहा कि हमलोग विधायक नही हैं तो बोल दीजिये. इसपर स्पीकर ने कहा कि आपसे किसने कह दिया कि आप विधायक नहीं हैं. अपने दिमाग में जो कुछ लेकर आते हैं, उसी को सदन में परोसने का काम करते हैं.  आप सीधा आसन पर आक्षेप लगा देते हैं.

संघर्ष करने वाले विधायक सदन में बैक बेंचर, रिवारवाद वाले नेता आगे बैठे हैं

जेएमएम विधायक सुदीव्य सोनू ने कहा कि जनादेश वाली सरकार के हरण का कुंठित प्रयास किया गया है. इस हरण में राजभवन की भूमिका संदिग्ध है. राजभवन ने अपनी सुचिता और मर्यादा तार-तार कर दिया. हेमंत की गिरफ्तारी के बाद इनके मुंह से लार टपक रहा था कि अब हम सरकार बना लेंगे. कहा कि ये परिवारवाद की बात करते हैं. लेकिन इन्हें अपनी पार्टी में परिवारवाद नहीं दिखता. भाजपा में संघर्ष करने वाले विधायक सदन में बैक बेंचर बने हुए हैं और परिवारवाद वाले नेता जेपी पटेल, भानु प्रताप शाही और अमित मंडल जैसे नेता आगे बैठे हुए हैं.

स्पीकर ने तीन बार असंवैधानिक शब्दों को स्पंज किया

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विधानसभा में विधायकों ने आवेश में कई बार असंवैधानिक शब्दों का प्रयोग किया. स्पीकर को तीन बार विधानसभा की कार्यवाही से ऐसे शब्दों को स्पंज करना पड़ा. विधायक दीपिका पांडे सिंह, इरफान अंसारी और ढुल्लू महतो के भाषण के कुछ अंश स्पंज किये गये हैं.

ऐसा लगता है कि बीजेपी ऑफिस से चल रहा राजभवन- इरफान

इरफान अंसारी ने कहा कि राज्यपाल राजभवन में बैठे हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि बीजेपी ऑफिस से राजभवन चल रहा है. मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि हम लोगों ने राजभवन को 43 विधायकों का समर्थन पत्र दिया था. लेकिन सरकार बनाने का निमंत्रण देने में राजभवन को 40 घंटे लग गये. जबकि बिहार में 4 घंटे के अंदर मुख्यमंत्री का इस्तीफा हो जाता है और ग्रहण भी हो जाता है. इसका जवाब गवर्नर हाउस को देना होगा.

सत्ता पक्ष के लोग राज्यपाल के मान सम्मान को तार-तार कर रहे

अमर बाउरी ने कहा राज्यपाल हमारे कस्टोडियन हैं. इस सदन में सत्ता पक्ष के लोग उनके मान सम्मान को तार-तार कर रहे हैं.  विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि इरफान अंसारी दावा करते हैं कि वे डॉक्टर हैं. मेरा आग्रह है कि एक बार उन्हें कांके भिजवा कर चेक कर लिया जाये कि वह डॉक्टर है या नहीं.

मेरे खिलाफ आरोप सही हुआ तो विधायक पद से दे देंगे इस्तीफा - ढुल्लू

विधायक ढुल्लू महतो ने कहा कि हेमंत सरकार बनने के बाद से अब तक उन्हें 3 बार जेल भेजा गया है. अगर चंपई सोरेन आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों के सच्चे हितैषी हैं तो उनपर लगे आरोपों की सीबीआई जांच करायें. आरोप सही होगा तो वो विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे. [wpse_comments_template]  

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