Ranchi : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में एक अहम खुलासा हुआ है. एनआईए ने माओवादी के नॉर्दर्न रीजनल ब्यूरो में संगठन को फिर से सक्रिय करने की कोशिशों से जुड़े एक मामले में एक और आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल सिंह उर्फ सूरज बताया गया है, जो मथुरा (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है. एनआईए की जांच में पता चला है कि पूरा मामला उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में माओवादी नेताओं, कैडर्स, समर्थकों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स द्वारा संगठन को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा था. इस पूरे षड्यंत्र को झारखंड के नक्सलियों की मदद से अंजाम दिया जा रहा था.
माओवादी सदस्यों को ड्रोन प्रशिक्षण
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि माओवादी सदस्य विशाल सिंह उर्फ सूरज ने संगठन के कैडर को ड्रोन को संभालने और चलाने का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से छकरबंधा और पचरुखिया जंगल इलाके में 10 दिन बिताए थे. जांच से यह भी पता चला है कि विशाल सिंह ने माओवादी के दो सीनियर लीडरों के साथ कैडर मीटिंग भी की थी, जो संगठन की खतरनाक साजिशों को आगे बढ़ाने का हिस्सा थी. इन दो लीडरों में प्रमोद मिश्रा उर्फ सोहन दा और संदीप यादव उर्फ रूपेश जी शामिल थे.


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