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विष्णु अग्रवाल व छवि रंजन व्हाट्सप और फेसटाइम के जरिए करते थे बात, गोपनीय दस्तावेजों का भी होता था लेनदेन

 
Vinit Abha Upadhyay Ranchi :  लैंड स्कैम के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोपी झारखंड के चर्चित कारोबारी विष्णु अग्रवाल को गिरफ्तारी के बाद रांची सिविल कोर्ट स्थित PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के विशेष कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब तक की जांच में ED को कई अहम जानकारियां मिली हैं. ED को रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन और विष्णु अग्रवाल के बीच व्हाट्सप और फेसटाइम से हुई बातचीत की जानकारी प्राप्त हुई है. विष्णु अग्रवाल और IAS छवि रंजन के बीच सरकारी दस्तावेजों के लेनदेन, होटल बुकिंग और गोवा टूर से जुड़ी व्यवस्था और ED की जांच से जुड़ी बातचीत होती थी. इतना ही नहीं, रांची डीसी रहते छवि रंजन के अपने कई चहते लोगों को विष्णु अग्रवाल के यहां नौकरी भी दिलवाई है. छवि रंजन विष्णु अग्रवाल को ऐसे लोगों का बायोडाटा व्हाट्सप के माध्यम से भेजते थे. चेशायर होम रोड की खाता 37 के लगभग 1 एकड़ भूखंड, पुंगड़ू मौजा की 9.33 एकड़ भूमि और सिरमटोली की 5.88 एकड़ भूमि से जुड़ी जांच में भी छवि रंजन ने विष्णु अग्रवाल की मदद की है. डीसी रहते छवि रंजन ने विष्णु अग्रवाल को मदद करने के लिए उनके पक्ष में कई आदेश भी दिए.

पांच घंटे पूछताछ के बाद ईडी ने गिरफ्तार किया था

विष्णु अग्रवाल ED द्वारा भेजे गए चौथे समन के बाद 31 जुलाई की शाम ED ऑफिस पहुंचे थे. ईडी के अधिकारियों ने पांच घंटे की पूछताछ के बाद विष्णु अग्रवाल को गिरफ्तार किया था. लैंड स्कैम की जांच कर रही ED अब तक कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल, दिलीप घोष ,रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन, बड़ागाईं अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, कथित रैयत प्रदीप बागची, जमीन कारोबारी अफसर अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान व मोहम्मद सद्दाम को गिरफ्तार कर चुकी है.
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