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विवेकानंद ने भारतवर्ष की संस्कृति और ज्ञान का डंका पूरे विश्व में बजाया : काले

Jamshedpur : स्वामी विवेकानंद की 159वीं जयंती बुधवार को नमन के साकची स्थित कार्यालय में मनाई गई. इस दौरान आज के परिवेश में युवाशक्ति की स्थिति विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे. अमरप्रीत सिंह काले ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ज्ञान और संकल्प की प्रतिमूर्ति थे. उन्होंने भारतवर्ष की संस्कृति और ज्ञान का डंका पूरे विश्व में बजाया. उठो, जागो और बढ़ो उनके ये वाक्य पर आज की युवा पीढ़ी को न केवल स्वयं में समाहित करना है, बल्कि इसी विचारधारा पर केंद्रित होते हुए अपने कर्तव्य का निर्वाहन करना होगा. संघर्ष के पथ में बिना रुके अपने हौसलों को पंख देते हुए बाधित शक्तियों का दृढ़ता से सामना कर अपने सपनों को सकरात्मक परिवर्तन के लिए समर्पित करना ही उन्हें अपनी सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

मुक्केबाज-कराटे प्रशिक्षक व एथलीट हुए सम्मानित

कार्यक्रम में राष्ट्रीय युवा एथलीट रोहित कुमार सिंह, कराटे प्रशिक्षक सरजू राम, मुक्केबाजी प्रशिक्षक (एनआईएस कोच), कुंदन चंद्र को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार बृजभूषण सिंह, जयप्रकाश राय, क्रीड़ा भारती के राजीव कुमार, समाजसेवी शिवशंकर सिंह, समाजसेवी रामकेवल मिश्रा, रिया मित्रा, लख्खी कौर, ममता पुष्टि, डी मणि, ममता दास, मोमिता डे, राजू मरवाह, मंटू चावला, विपिन झा, अखिलेश पांडे, संदीप सिंह पप्पू आदि ने स्वामी जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित की. संचालन डीडी त्रिपाठी व धन्यवाद ज्ञापन बृजभूषण सिंह ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में नमन के पप्पू राव, जूगुन पांडे, महेश मिश्रा, प्रिंस सिंह, बिभाष मजुमदार, रंजीत कुमार, संतोष यादव, शेखर मुखी, संजय सिंह, कार्तिक जुमानी, विक्की तारवे, मोहन दास, अमरेन्द्र, रामा राव, सूरज चौबे, सरबजीत सिंह टोबी, मुन्ना दीक्षित, सागर, मनोज हलदर, विक्रम सिंह, अनूज मिश्रा, राकेश, प्रशेनजीत, विवेक मिश्रा, चंदन सहित अन्य स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. [wpse_comments_template]

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