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स्वैच्छिक रक्तदान संगठन ने सिविल सर्जन को समस्याओं से अवगत कराया

Ranchi : जिले में स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर सक्रिय संगठनों के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार से मिलकर रक्त संबंधित समस्याओं को अवगत कराया. कार्यालय में हुए इस मुलाकात के दौरान सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार, पैथोलॉजी विभाग के हेड डॉ विमलेश कुमार सिंह और सदर अस्पताल ब्लड बैंक प्रभारी डॉ रंजू को जानकारी दी. इस दौरान सिविल सर्जन ने सभी बातों को गंभीरतापूर्वक सुना और न्यायोचित मांगों पर अपनी सहमति दी. साथ ही भरोसा दिया कि अविलंब पहल की जायेगी. वहीं कुछ विषेश मुद्दों को वरीय पदाधिकारी के संज्ञान में भी लाया जाएगा. छह सदस्यीय टीम में लहू बोलेगा के संस्थापक नदीम खान, डॉ दानिश रहमानी, आसिफ अहमद, मो शाहबाज, मेहर खालसा के जयंत, गुरुनानक सेवक जत्था के करण अरोड़ा शामिल थे.

रक्तदान संगठनों की ये है मांगें

  • रांची सदर अस्पताल में भर्ती मरीज को बिन पैरवी के पहली प्राथमिकता में ब्लड देना सुनिश्चित किया जाए.
  • रांची सदर अस्पताल ब्लड बैंक में आए मरीज के अटेंडेंट से काउंटर एवं पब्लिक संबंधित कार्यों में लगे कुछ कर्मचारियों के व्यवहार को ठीक किया जाये.
  • रांची सदर अस्पताल ब्लड बैंक में ब्लड लेने आए अटेंडेंट की संख्या काफी ज्यादा हो चुकी है, इसलिए स्पेस को बड़ा किया जाए. साथ ही ब्लड बैंक के सामने बैठने के साथ पंखा, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था की जाए.
  • रांची सदर अस्पताल ब्लड बैंक में बच्चों के लिए ब्लड (पेंटा बैग) की अविलंब व्यवस्था की जाए, जो सदर में अब तक नहीं है.
  • रांची के सभी अस्पतालों में महीने में एक बार रक्तदान शिविर लगाने की गारंटी सुनिश्चित किया जाए. साथ ही रांची के सभी अस्पतालों में ब्लड बैंक की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. जो अस्पताल पालन नही करे, उनपर कार्रवाई सुनिश्चित हो.
  • रांची सदर अस्पताल रक्तदाता को मिलने वाला रिफ्रेशमेंट (पानी,बिस्कुट,जूस) पर 25 रुपये खर्च करता है, जिसे कम से कम 100 रुपये किया जाए.
  • प्रत्येक रक्तदाता को टी-शर्ट, टोपी, कीरिंग दिया जाए.
  • वातानुकूलित रक्तदान वॉल्वो बस पिछले एक महीने से खराब पड़ी हुई है, जिसे ठीक करवाया जाए एवं रांची के लिए वातानुकूलित रक्तदान बस खरीदी जाए.
  • ब्लड रिप्लेसमेंट डोनर कार्ड पिछले लगभग 4 सालों से बंद है. समीक्षा कर चालू करने की अनुशंसा की जाए.
  • "रक्तदान क्यों करें" पर साहित्य, लिटरेचर का प्रकाशन के साथ ही दीवाल लेखन, मीडिया, सोशल मीडिया के जरिये जनजागरूकता फैलाई जाए.
  • रांची के धर्मगुरुओं, सामाजिक, मानवाधिकार, सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संस्थानों, रक्तदान संगठनों के साथ जिला प्रशासन के साथ रक्तदान हेतु बैठक बुलाकर सहयोग मांगा जाए.
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