NewDelhi : लोकसभा में वक्फ अमेंडमेंट बिल 2024 पेश कर दिया गया. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ एक्ट 1995 में संशोधन के लिए यह बिल लोकसभा में पेश किया है. कांग्रेस और सपा ने वक्फ अमेंडमेंट बिल 2024 पर आपत्ति जतायी है. वहीं जदयू ने वक्फ बिल का समर्थन किया है. केसी वेणुगोपाल ने संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह विधेयक संविधान पर एक मौलिक हमला है. इस विधेयक के माध्यम से वे यह प्रावधान कर रहे हैं कि गैर-मुस्लिम भी वक्फ गवर्निंग काउंसिल के सदस्य होंगे. यह धर्म की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है. इसके बाद ईसाइयों, फिर जैनियों का नंबर आयेगा. भारत के लोग अब इस तरह की विभाजनकारी राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे." https://twitter.com/AHindinews/status/1821451579561812152
https://twitter.com/AHindinews/status/1821455544961716479
https://twitter.com/AHindinews/status/1821460174944776664
https://twitter.com/AHindinews/status/1821455544961716479
विधेयक वापस ले या स्थायी समिति को भेजे दें - सुले
डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि यह अनुच्छेद 30 का सीधा उल्लंघन है, जो अल्पसंख्यकों को अपने संस्थानों का प्रबंधन करने से संबंधित है. यह विधेयक एक विशेष धार्मिक समूह को लक्षित करता है. NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि या तो इस विधेयक को पूरी तरह से वापस ले या इसे स्थायी समिति को भेज दें. कृपया परामर्श के बिना एजेंडा आगे न बढ़ायें." https://twitter.com/AHindinews/status/1821454983457644771https://twitter.com/AHindinews/status/1821460174944776664
Leave a Comment