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क्या साक्ष्य छुपा कर करायी गई गौशाला की गोचर जमीन की रजिस्ट्री !

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2013 में शुरू हो चुका था रांची गौशाला न्यास की जमीन बेचने का खेल

Pravin Kumar Ranchi: कांके अंचल के बाढ़ू मौजा स्थित गौशाला की जमीन की रजिस्ट्री साक्ष्य छुपा कर करायी गयी है. दैनिक शुभम संदेश की टीम ने जब उपलब्ध कागजातों का अध्ययन गहनता से किया, जमीन मामलों के विशेषज्ञों से जानकारी हासिल की, तो चौंकानेवाले तथ्य सामने आये. गौशाला न्यास समिति के पुराने ससदस्यों ने भी बताया कि बाढ़ू मौजा की जमीन गोचर नेचर की जमीन है. पहले से इस जमीन पर गायों का चराया जाता था. मुस्लिम खतियान छोड़ ज्यादातर जमीन सीएनटी है. ऐसे में उक्त भूमि की रजिस्ट्री नहीं होनी चाहिए, पर बाढ़ू मौजा में ऐसा हुआ है. साक्ष्य छुपा कर 15.95 एकड़ गौशाला की गोचर जमीन जनरल को बेच दी गयी है. जमीन बेचने का खेल 2013 से शुरू हो गया था. 06.88 एकड़ भूमि डीड नंबर -2526/1930 गोपालका प्रोजेक्ट के किशन गोपालका के नाम पर गौशाला न्यास समिति के सचिव सज्जन सर्राफ द्वारा रजिस्ट्री करायी गयी.

जुलाई और सितंबर 2021 में 09.7 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री

जुलाई और सितंबर 2021 में 09.7 एकड़ जमीन राजकुमार केडिया और संजीव खीरवाल के नाम पर सचिव प्रदीप कुमार राजगढ़िया द्वारा रजिस्ट्री करा दी गयी. रजिस्ट्री के वक्त जमीन की मूल प्रकृति की अनदेखी की गयी, जिससे गौशाला न्यास समिति और अफसरों की मिलीभगत की बू आता है. उपलब्ध एकरारनामा और रजिस्ट्री डीड में दर्ज खाता, प्लॉट और रकबा के अनुसार जो साक्ष्य सामने आये, उसे हू-ब-हू प्रकाशित किया जा रहा.

जानिए 15 एकड़ 95 डिसमिल जमीन के खतियान और पंजी टू में किसका नाम दर्ज है

जमीन के दस्तावेज की जांच करने पर कई चौंकाने वाले तथ्य समान आये हैं. इसमें आदिवासी खाते के साथ- साथ मुस्लिम एवं महली जातियों के नाम खातियान में दर्ज हैं. खाता नंबर 53, प्लॉट नंबर 1617, कुल रकबा 1.22 एकड़ पंजी- 2 में तेजवा महली, पिता गोधरा महली के नाम पर दर्ज है. खाता 150, प्लॉट नंबर 1625, कुल रकबा 2.33 एकड़ जमीन शेख हातीम वगैरग के नाम पर है. खाता नंबर 108, प्लॉट नंबर 1621, कुल रकबा 98 डिसमिल, प्लॉट नंबर 1623, कुल रकबा 46 डिसमिल, प्लॉट नंबर 1700, कुल रकबा 45 डिसमिल, प्लॉट नंबर 1701, कुल रकबा 41 डिसमिल पंजी-टू में मंगला महली, पिता केतरा महली के नाम पर दर्ज है. उपलब्ध दस्जतावेज बताते हैं कि सभी जमीन की रजिस्ट्री 2021 में गौशाला न्यास समिति ने आने पौने दाम पर गोपालका प्रोजेक्ट को कर दिया है.

दूसरे डीड से भी आदिवासी खाते की जमीन की रजिस्ट्री

खाता नंबर 106, प्लॉट नंबर 1611 की जमीन अभी भी रांची गौशाला न्यास के नाम पर है. यह भी आदिवासी खाते की जमीन है, जिसका म्यूटेशन रांची गौशाला न्यास के नाम पर हुआ था और इसका म्यूटेशन केस नंबर 52, वर्ष 1974-75 है. इस जमीन को जनरल जमीन के रूप में न्यास के सचिव ने सितंबर 2021 में बेच दिया है. जमीन का खतियान बिरसा मुंडा वगैरह के नाम पर है.

खाता संख्या 135, प्लॉट नंबर 1624, कुल रकबा 1.17 एकड़

इस जमीन का खतियान शेख शुखन, जाति जुलाहा के नाम पर है. पंजी-टू में वर्तमान समय में कुलदीप नारायण, पिता सूरज प्रसाद का नाम दर्ज है. जमीन के लगान का भुगतान 2023-24 तक किया जा चुका है. रांची गौशाला न्यास की ओर से न्यास के सचिव प्रदीप कुमार राजगढ़िया ने राजकुमार केडिया और संजीव खीरवाल को जमीन की रजिस्ट्री कर दी है.

रांची गौशाला न्यास के नाम पर है यह जमीन

खाता नंबर 60, प्लॉट नंबर 1615, रकबा 31 डिसमिल, प्लॉट नंबर 1729, रकबा 34 डिसमिल , प्लॉट नंबर 1748, रकबा 50 डिसमिल, प्लॉट नंबर 1616, रकबा 26 डिसमिल गौशाला रांची के नाम पर दर्ज है, जिसका खतियान शेख हसीन आदि के नाम पर बना हुआ है. यह जमीन वर्तमान में भी रांची गौशाला न्यास के नाम है. वहीं खाता नंबर 100, प्लॉट नंबर 1732, रकबा 52 डिसमिल खतियान शेख मुराद अली वल्द शेख फकीर के नाम पर है. यह जमीन भी रांची गौशाला के नाम है.

न नियम-कानून का उल्लंघन हुआ, न सीएनटी की जमीन बेची गयी : सर्राफ

गौशाला न्यास समिति के पूर्व सचिव सज्जन सर्राफ ने बाढ़ू मौजा स्थित गौशाला की जमीन को सीएनटी की जमीन होने से साफ इनकार किया है. वे बताते हैं कि न्यास समिति के सचिव की हैसियत से उन्होंने 2014 में गोपालका प्रोजेक्ट के नाम पर 6.88 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री की थी, जो सीएनटी के दायरेवाली जमीन नहीं थी. सर्राफ बताते हैं कि सीएनटी की जमीन हम कैसे रजिस्ट्री करा सकते हैं. यह बात सारासर गलत है, मनगढ़ंत बाते हैं. किसी भी तरह से नियम-कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है. [wpse_comments_template]

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