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हमें सौगात नहीं, अपना हक चाहिएः सुप्रियो

 
- झारखंड को उनके हक का ऐलान कर दें पीएम मोदी - झामुमो ने कांग्रेस प्रभारी के बयान पर किया पलटवार Ranchi: खनन रॉयल्टी का बकाया एक लाख छतीस हजार करोड़ मामले पर झामुमो ने सख्त रूख अपना लिया है. पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगाह करते हुए कहा कि हम खैरात नहीं मांग रहे हैं. अपना हक मांग रहे हैं. हम लड़ कर, संघर्ष कर के हर चीज लेना जानते हैं, झारखंड का गठन इसका प्रमाण है. अगर दिल्ली में उजाला कायम रखना है, तो हमें झारखंड की चौहद्दी बांधने पर मजबूर न करें. हमें सौगात नहीं, अपना हक चाहिए. हमारा पैसा पूंजीपतियों, अडाणी और अंबानी को देने को देने के लिए नहीं है. ये बातें झामुमो के महासचिव एवं प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कही. 

चुनाव के वक्त ही पीएम को याद आते हैं आदिवासी

सुप्रियो ने कहा कि 15 दिन के अंतराल में दो अक्टूबर को प्रधानमंत्री झारखंड दौरे पर आ रहे हैं. आखिकार प्रधानमंत्री और भाजपा को चुनाव के वक्त ही आदिवासी क्यों याद आते हैं? ये लोग आदिवासी के नाम पर राष्ट्रपति जैसे पद का इस्तेमाल भी चुनावी फायदे के लिए करते हैं. इसलिए इधर-उधर की बातें नहीं, हमें कोई सौगात नहीं चाहिए. बुधवार को मंच से प्रधानमंत्री को हमारे बकाया को लेकर घोषणा करना ही होगा. क्योंकि इस पैसे का इस्तेमाल युवाओं, बेरोजगारों, महिलाओं, किसानों, मजदूरों के लिए चलाए जा रहे योजनाओं के लिए जरूरी है.

नो फ्लाईंग जोन जैसे हालात न हों, आयोग तय करे

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा किसी भी राज्य सरकार की जिम्मेवारी है. इसमें कोई कोताही नहीं बरती नहीं जाती है. मगर यह भी सच है कि चुनाव के पहले और चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री का झारखंड दौरा बढ़ जाता है. अभी तो चलेगा, मगर चुनाव में नो फ्लाईंग जोन की स्थिति नहीं बने, यह चुनाव आयोग सुनिश्चित करे. हमने चुनाव आयोग के साथ मीटिंग में भी सभी दलों को समान ग्राउंड मिले, इसकी गुजारिश कर चुके हैं.

झारखंड में सिंगल डिजिट में रहेगी भाजपा

सुप्रियो ने कहा कि झारखंड में भाजपा को जो मुद्दे उठाने हैं, उठाते रहें. जितना जहर घोलना है, घोलते रहें. जितना झूठ-सच बोलना है, बोलते रहें. इन सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता है. हरियाण और महाराष्ट्र में तो उसका रिजल्ट अंकित हो चुका है. झारखंड में इन राज्यों से भी बुरी स्थिति होगी. यहां पर भाजपा सिंगल डिजिट में रहेगी और पुन: हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनेगी. रही बात घुसपैठ की, तो बुधवार को मंच में पीएम के साथ सारे घुसपैठिये ही रहेंगे.

हेमंत का नेतृत्व स्वीकार नहीं, तो अकेले सक्षम

सुप्रियो ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि किसी को अगर हेमंत सोरेन का नेतृत्व मंजूर नहीं है, तो हमारी पार्टी भी सभी 81 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं, जिसमें हम 55 सीट जीतने में सक्षम हैं. हमारे उपर भी पार्टी कार्यकर्ताओं को दबाव है. हम चाहते हैं कि इंडिया गठबंधन मजबूती के साथ चुनाव लड़े, मगर कोई भी झामुमो को कमजोर समझने की भूल न करे. कांग्रेस को 2009, 2014 और 2019 नहीं भूलना चाहिए. यह सरकार गठबंधन के तहत अच्छा काम कर रही है. इसे भी पढ़ें - नियुक्ति">https://lagatar.in/if-objection-is-not-raised-on-appointment-during-service-then-it-cannot-be-raised-even-after-retirement-high-court/">नियुक्ति

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