Ranchi : ऑपरेशन डबल बुल से हथियार जब्ती मामले में एनआईए ने नक्सली कमांडर को दोबारा रिमांड पर लिया है. एनआईए पांच लाख के इनामी नक्सली प्रदीप सिंह खेरवार को चार दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. इससे पहले भी एनआईए उससे चार दिन तक पूछताछ कर चुकी है.
पोलित ब्यूरो सदस्य का बदला लेने के लिए नक्सलियों ने की थी तैयारी
गौरतलब है कि पिछले साल लोहरदगा-लातेहार सीमा पर स्थित बुलबुल जंगल में ऑपरेशन डबल बुल के दौरान 28 हथियार की जब्ती मामले की जांच एनआईए कर रही है. नक्सलियों ने एक करोड़ के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ बूढ़ा की गिरफ्तारी का बदला लेने के लिए बूढ़ा पहाड़ पर पूरी तैयारी की थी और हथियार व गोला-बारूद जुटाया था. इसका नेतृत्व 15 लाख का इनामी रीजनल कमांडर रवींद्र गंझू कर रहा था. प्रदीप सिंह खेरवार पर कई हमले को अंजाम देने का है आरोप
दरअसल टॉप माओवादी कमांडर प्रदीप सिंह खेरवार को नक्सली कमांडरों ने जीपीएस नाम दिया है. प्रदीप सिंह को लातेहार, लोहरदगा और बूढ़ापहाड़ के इलाके की एक-एक पहाड़ और जंगल की जानकारी है. उसने माओवादी के टॉप कमांडर रवींद्र गंझू और छोटू खरवार के बारे में पुलिस को कई जानकारी दी है. प्रदीप सिंह पर लातेहार, लोहरदगा और बूढ़ापहाड़ के इलाके में कई हमले को अंजाम देने का आरोप है. [wpse_comments_template]
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