के डॉक्टर समीर पर पुलिस का दबाव -लिख कर दीजिए कि निजी काम से बाहर गए हैं, लौट आएंगे ?
50,000 से 25 लाख तक का ऋण मिलता है
लोगों को बताया जा रहा है कि अनुसूचित जनजाति, जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के बच्चे कैसे योजना के तहत 50,000 से 25 लाख तक का ऋण रोजगार के लिए पा सकते हैं. हालांकि 50,000 रुपये से अधिक ऋण के लिए लोगों को यह प्रस्ताव देना होगा कि उनके रोजगार में प्रति 1.50 लाख रुपये के निवेश में कितना रोजगार सृजित हो रहा है. साथ ही किसी प्रकार का नशा जैसे शराब, हड़िया, ताड़ी आदि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले रोजगार साथ ही 20 माइक्रोन से कम पॉलिथीन से जुड़ी रोजगार इस योजना से मिलने वाली राशि से नहीं शुरू हो.एक साल में महज 3853 लोगों ने योजना में दिखायी रूचि
समीक्षा बैठक में यह बात सामने आयी है कि एक साल में चयनित वर्ग के कुल 3853 लोगों ने रोजगार के लिए ऋण का आवेदन दिया. आंकड़ों के हिसाब से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना 2021-22 के तहत अनुसूचित जनजाति के 1672, अनुसूचित जाति के 682, पिछड़ा वर्ग के 1180, दिव्यांग 70 और 249 अल्पसंख्यक लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण दिया गया है. 3, 853 लोगों के आवेदन पर विभाग द्वारा कुल 59.61 करोड़ रूपये आवंटित किए गए.योजना से बेरोजगार दर में गिरावट का सरकार करती है अनुमान
बता दें कि योजना अंतर्गत 50,000 रुपये तक के लोन पर कोई गारंटी देने की आवश्यकता नहीं है, इस योजना के अंतर्गत यात्री परिवहन आदि के लिए वाहन खरीदने की सुविधा भी लाभार्थी को दी जाती है. योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 5 लाख या फिर उससे कम होनी चाहिए. सरकार का दावा है कि योजना के माध्यम से प्रदेश में बेरोजगारी की दर में गिरावट आएगी. इसके अलावा प्रदेश के नागरिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे. इसे भी पढ़ें –ये">https://lagatar.in/all-this-is-getting-expensive-for-you-it-is-corporate-sitting-in-lap-government-responsible-for-this/">येजो आपको सब महंगा मिल रहा है, इसके जिम्मेदार सरकार के गोद में बैठा कॉरपोरेट ही है! [wpse_comments_template]

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