Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

पश्चिम बंगाल  : राशन वितरण घोटाला मामले में ईडी की कार्रवाई, TMC नेता शंकर आध्या गिरफ्तार

Advertisement
Advertisement
Kolkata : पश्चिम बंगाल में हुए कथित राशन वितरण घोटाला मामले में इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय एजेंसी ने उत्तर 24 परगना के बोंगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष व टीएमसी नेता शंकर आध्या को देर रात गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के अनुसार, उन्हें आज शनिवार सुबह कोलकाता के सीजीओ कॉम्प्लेक्स लाया जा सकता है. यहां मेडिकल जांच कराने के बाद ईडी शंकर आध्या को कोर्ट में भी पेश कर सकती है.

शंकर आध्या के ससुराल से साढ़े आठ लाख कैश हुए थे बरामद

गौरतलब है कि ईडी ने 5 जनवरी को कोलकाता व उससे सटे जिले उत्तर 24 परगना में कुल 15 ठिकानों पर छापेमारी की थी. वहीं ईडी ने बनगांव के दापुते में शंकर आध्या से जुड़े पांच ठिकानों पर रेड मारी थी. ईडी ने नेता के घर और उनके ससुराल में भी छापा मारा था. इस दौरान शंकर आध्या के ससुराल से साढ़े आठ लाख बरामद किये गये थे. बता दें कि तृणमूल नेता आध्या और उनके परिवार के कई बिजनेस हैं. सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी नेता विदेशी मुद्रा विनिमय का भी कारोबार करते हैं. बता दें कि शंकर आध्या और राज्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के काफी करीबी संबंध रहे हैं. ज्योतिप्रिय मल्लिक को करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है.

छापेमारी करने गयी ईडी की टीम पर हुआ था हमला

ईडी की टीम जब उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में तृणमूल नेता व ब्लाक अध्यक्ष शाहजहां शेख के घर पर छापेमारी करने पहुंची तो करीब 200 लोगों ने उन पर धावा बोल दिया. भीड़ ने ईडी अधिकारियों व केंद्रीय बलों के जवानों को घेर लिया और प्रदर्शन करने लगे. इसके बाद उन पर हमला कर दिया. भीड़ ने ईडी और केंद्रीय सुरक्षा बलों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की. इस हमले में एक अधिकारी को हल्की चोट आयी थी. इसके बाद ईडी के अधिकारी वहां से जान बचाकर भागे. इसके बाद ईडी ने कार्रवाई करते हुए टीएमसी नेता एसके शाहजहां को गिरफ्तार कर लिया था.

पीडीएस का 30 फीसदी राशन खुले बाजार में बेचा गया

राशन वितरण घोटाला मामले की जांच ई़डी कई महीनों से कर रही है. ईडी ने जांच में खुलासा किया था कि पश्चिम बंगाल में लाभार्थियों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का लगभग 30 प्रतिशत राशन खुले बाजार में बेच दिया गया. राशन की कथित चोरी के बाद मिले पैसे मिल मालिकों और पीडीएस वितरकों ने बांट ली. इतना ही नहीं चावल मिल मालिकों और अन्य लोगों ने मिलकर किसानों के फर्जी बैंक अकाउंट खोले. धान उत्पादकों को भुगतान की जाने वाली एमएसपी को अपनी जेब में डाल लिया. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही