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पश्चिम बंगाल  : राज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों से राशन घोटाला की जांच रिपोर्ट मांगी

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Kolkata : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस, मुख्य सचिव बीपी गोपालिका, गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और डीजीपी राजीव कुमार के साथ बैठक करेंगे. राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों से राशन घोटाले मामले में की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट साथ लाने को कहा है. साथ ही राज्यपाल अधिकारियों से आरोपी तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी में हुई प्रगति के बारे में भी जानकारी देने को कहेंगे. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) निदेशक ने मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात की थी. 40 मिनट तक चली बैठक में ईडी प्रमुख ने राज्यपाल को कई जानकारियां दी थी.

छापेमारी करने गयी ईडी की टीम पर हुआ था हमला

ईडी की टीम जब उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में तृणमूल नेता व ब्लाक अध्यक्ष शाहजहां शेख के घर पर छापेमारी करने पहुंची तो करीब 200 लोगों ने उन पर धावा बोल दिया. भीड़ ने ईडी अधिकारियों व केंद्रीय बलों के जवानों को घेर लिया और प्रदर्शन करने लगे. इसके बाद उन पर हमला कर दिया. भीड़ ने ईडी और केंद्रीय सुरक्षा बलों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की. इस हमले में एक अधिकारी को हल्की चोट आयी थी. इसके बाद ईडी के अधिकारी वहां से जान बचाकर भागे. इसके बाद ईडी ने कार्रवाई करते हुए टीएमसी नेता एसके शाहजहां को गिरफ्तार कर लिया था. 5 जनवरी देर रात ईडी ने उत्तर 24 परगना के बोंगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष व टीएमसी नेता शंकर आध्या को गिरफ्तार किया था.

शंकर आध्या के ससुराल से साढ़े आठ लाख कैश हुए थे बरामद

गौरतलब है कि ईडी ने 5 जनवरी को कोलकाता व उससे सटे जिले उत्तर 24 परगना में कुल 15 ठिकानों पर छापेमारी की थी. वहीं ईडी ने बनगांव के दापुते में शंकर आध्या से जुड़े पांच ठिकानों पर रेड मारी थी. ईडी ने नेता के घर और उनके ससुराल में भी छापा मारा था. इस दौरान शंकर आध्या के ससुराल से साढ़े आठ लाख बरामद किये गये थे. बता दें कि तृणमूल नेता आध्या और उनके परिवार के कई बिजनेस हैं. सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी नेता विदेशी मुद्रा विनिमय का भी कारोबार करते हैं. बता दें कि शंकर आध्या और राज्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के काफी करीबी संबंध रहे हैं. ज्योतिप्रिय मल्लिक को करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है.

पीडीएस का 30 फीसदी राशन खुले बाजार में बेचा गया

राशन वितरण घोटाला मामले की जांच ई़डी कई महीनों से कर रही है. ईडी ने जांच में खुलासा किया था कि पश्चिम बंगाल में लाभार्थियों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का लगभग 30 प्रतिशत राशन खुले बाजार में बेच दिया गया. राशन की कथित चोरी के बाद मिले पैसे मिल मालिकों और पीडीएस वितरकों ने बांट ली. इतना ही नहीं चावल मिल मालिकों और अन्य लोगों ने मिलकर किसानों के फर्जी बैंक अकाउंट खोले. धान उत्पादकों को भुगतान की जाने वाली एमएसपी को अपनी जेब में डाल लिया. [wpse_comments_template]

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